एक चापाकल के भरोसे दो टोलाें के 150 परिवार

पावड़ा-नरसिंहगढ़ के गुड़गाइकोटा में भीषण पेयजल संकट दोनों पाड़ा के 12 चापाकलों में छह खराब, पांच से आ रहा गंदा पानी नहाने, कपड़े धोने और पशुओं को पानी पिलाने में हो रही दिक्कत धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड की पावड़ा-नरसिंहगढ़ पंचायत अंतर्गत पुनसा गांव के गुड़गाईकोचा और आदिवासी पाड़ा में भीषण पेयजल संकट है. एक चापाकल […]

पावड़ा-नरसिंहगढ़ के गुड़गाइकोटा में भीषण पेयजल संकट

दोनों पाड़ा के 12 चापाकलों में छह खराब, पांच से आ रहा गंदा पानी
नहाने, कपड़े धोने और पशुओं को पानी पिलाने में हो रही दिक्कत
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड की पावड़ा-नरसिंहगढ़ पंचायत अंतर्गत पुनसा गांव के गुड़गाईकोचा और आदिवासी पाड़ा में भीषण पेयजल संकट है. एक चापाकल से भरोसे 150 से अधिक परिवार हैं. चापाकल पर अधिक भीड़ होने से ग्रामीण खाल में बालू के नीचे कुआंनुमा गड्ढा से जल संग्रह कर रहे हैं.
ग्राम प्रधान बैधनाथ सोरेन, ईश्वर सोरेन, सीता राम हांसदा, नवीन हांसदा, सालखान हांसदा, हीरा हांसदा, दुलगी हांसदा, जोसना सिंह, साकरो हांसदा, मानको हांसदा, मालती सिंह, पूर्णिमा सिंह, मायावती सोरेन, सलमा हांसदा, फूलमनी हांसदा ने बताया कि यहां 150 से अधिक आदिवासी परिवार रहते हैं. दोनों टोला में 12 चापाकल है. छह पूर्णत खराब है. पांच चापाकलों में गंदा पानी निकलता है. एक चापाकल और खाल से लोग जल संग्रह करते हैं. टोला से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित गईराडुबा खाल का जलस्तर घट गया है. गांव में एकमात्र तालाब और कुआं सूख गये हैं.
नहाने, कपड़े धोने और पशुओं को पानी पिलाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जो चापाकल चालू हालत में हैं. उसे ग्रामीणों ने चंदा कर मरम्मत करायी है. किसी चापाकल में सोलर जलापूर्ति सिस्टम नहीं लगाया गया है. चापाकल खराब होने की सूचना विभाग के कनीय अभियंता ने दी थी. चापाकल की मरम्मत नहीं हुई. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता आरएन झा ने बताया कि पुनसा के दोनों पाड़ा के खराब चापाकल की मरम्मत के लिए एक जून को मिस्त्री भेजा जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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