मरीज को खटिया पर ले जाते हैं रास्ते में सात की हो चुकी है मौत

रास्ते के अभाव में हाल ही में सबर युवती फूलमनी ने तोड़ा दम गांव में 18 सबर परिवार, विधायक दो दफा आये थे उनकी घोषणाएं हवा-हवाई साबित हुई गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की जोड़सा पंचायत स्थित बागालगोड़ा गांव के सबर टोला धोडांगा मुख्यधारा से कटा है. इस गांव तक पहुंच रास्ता नहीं है. ग्रामीण खेत […]

रास्ते के अभाव में हाल ही में सबर युवती फूलमनी ने तोड़ा दम

गांव में 18 सबर परिवार, विधायक दो दफा आये थे उनकी घोषणाएं हवा-हवाई साबित हुई
गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की जोड़सा पंचायत स्थित बागालगोड़ा गांव के सबर टोला धोडांगा मुख्यधारा से कटा है. इस गांव तक पहुंच रास्ता नहीं है. ग्रामीण खेत और तालाब के मेढ़ से किसी तरह आना-जाना करते हैं. गांव में जब कोई बीमार पड़ता है या गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होती है, तो ग्रामीण खटिया पर ढो कर अस्पताल ले जाते हैं. सड़क के अभाव में अब तक इस गांव के सात सबरों की मौत हो चुकी है. हाल में सबर युवती फूलमनी सबर (17) की मौत हो गयी. यह सिलसिला आज से नहीं वर्षों से चला आ रहा है. ग्रामीण सड़क की मांग करते-करते थक गये, लेकिन जन प्रतिनिधियों और प्रशासन की कान में जू तक नहीं रेंगी. आदिम जनजाति के उत्थान और विकास का शोर मचाने वाले सरकारी हुक्मरानों के लिए मुख्य धारा से कटा सबर बहुल धोडांगा गांव मुंह चिढ़ा रहा है.
बरसात में टापू बन जाता है धोडांगा गांव : सड़क विहीन सबर बहुल धोड़ांगा गांव में 18 सबर परिवार सड़क के अभाव में हर दिन संघर्ष की जिंदगी जी रहे हैं. ग्रामीण कहते हैं ठंड और गर्मी में तो खेत और तालाब के मेढ़ से होकर आना-जाना कर लेते हैं. लेकिन बरसात में जब खेतों में धान रोपनी होती है और बरसात का पानी खेतों में भर जाता है तब गांव टापू बन जाता है. आना-जाना मुश्किल हो जाता है. बच्चों को स्कूल जाना भी मुश्किल होता है. यहां के सबर बच्चे खड़ियाडीह और बागालगोड़ा प्रावि जाते हैं. जो गांव से करीब डेढ़ किमी दूर है. खेत के मेढ़ से होकर बच्चे स्कूल जाते हैं. आंगनबाड़ी और जविप्र दुकान भी बागालगोड़ा गांव में हैं.
रास्ता नहीं होने के कारण गांव में नहीं जा पाता है वाहन
धोडांगा सबर बहुल गांव में रास्ते के अभाव में अब तक सात बीमार सबरों की मौत हो चुकी है. हाल में ही फूलमनी सबर (17) की मौत हो गयी. वह बीमार थी. समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाने से मौत हो गयी. इसके पूर्व बाबू सबर (37), उसकी पत्नी रतनी सबर ( 30), टुनिया सबर (45), मदन सबर (40), बांसती सबर (40), रीता सबर (एक वर्ष) की मौत हो चुकी है.
दो बार आ चुके हैं विधायक, पर हुआ कुछ नहीं
धोडांगा के श्रीमंत सबर, चेपा सबर, बड़ा सुकरा सबर, मंटू सबर, मनसा सबर, कोका सबर, कारू सबर, शिशिर सबर, मोगलू सबर, असीत सबर, मंगल सबर, मोटू सबर, सुनील सबर, पोचा सबर, बास्ता सबर, फूलचांद सबर, श्रीमती सबर, रायमुनी सबर, गौरी सबर आदि ने बताया कि जाड़े के समय पिछले वर्ष विधायक लक्ष्मण टुडू दो बार गांव आये थे. उन्होंने सड़क निर्माण कराने के साथ-साथ कई घोषणाएं बैठक में की थी. लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ.

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