East Singhbhum News : नोटिस पे पर धनबाद लेबर कोर्ट में सुनवाई 15 को

एचसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनियों की मुश्किलें बढ़ीं

मुसाबनी.

सुरदा माइंस के मजदूरों को बिना संवैधानिक नोटिस दिए काम से बैठाने के मामले में अब कानूनी लड़ाई तेज हो गयी है. वर्ष 2020 में माइंस बंदी के बाद बकाया ””””नोटिस पे”””” के मुद्दे पर आगामी 15 अप्रैल को धनबाद स्थित लेबर कोर्ट में सुनवाई निर्धारित की गयी है.

क्या है मामला

31 मार्च 2020 को लीज समाप्त होने के बाद सुरदा माइंस को बंद कर दिया गया था. माइंस बंद होने के बाद मजदूरों को बिना किसी पूर्व सूचना या संवैधानिक नोटिस के काम से हटा दिया गया. नियमों के अनुसार, अचानक काम से बैठाने के एवज में मजदूरों को 3 माह का वेतन (नोटिस पे) मिलना चाहिए, जो अब तक बकाया है. इस मामले को सुलझाने के लिए पूर्व में चाईबासा स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में एचसीएल प्रबंधन, ठेका कंपनी एवरेस्ट, श्रीराम इपीसी और तीनों यूनियनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई. जब आपसी सहमति से कोई निष्कर्ष नहीं निकला, तो मामले को केंद्रीय श्रम मंत्रालय को भेज दिया गया. श्रम मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे धनबाद स्थित लेबर कोर्ट को अग्रसारित कर दिया. झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सुभाष मुर्मू और उपाध्यक्ष धनंजय मार्डी ने बताया कि उनकी यूनियन ने वकील के माध्यम से कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा है, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई की तिथि तय की है.

यूनियन नेताओं ने बताया कि इस लंबी लड़ाई में वरिष्ठ झामुमो नेता कान्हु सामंत ने भी मजदूर हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने पूर्व मंत्री दिवंगत रामदास सोरेन के माध्यम से मजदूरों को आर्थिक सहयोग दिलाने का प्रयास किया था. अब 15 अप्रैल की सुनवाई पर हजारों मजदूरों की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि मजदूरों को उनके तीन महीने के बकाया वेतन का भुगतान कब और कैसे होगा.

प्रभावित गांवों की ग्रामसभा से होगी एचसीएल में बहाली

घाटशिला. घाटशिला अनुमंडल कार्यालय में बुधवार को एचसीएल-आइसीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र ने की, जिसमें एचसीएल के पदाधिकारी, प्रभावित गांवों के ग्राम प्रधान, मुसाबनी प्रखंड के जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए. एचसीएल कंपनी में नियुक्ति से संबंधित विषय पर विमर्श किया गया. एसडीओ ने कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुसाबनी क्षेत्र के आसपास स्थित एचसीएल के कारखानों में बहाली प्रक्रिया प्रभावित गांवों की ग्रामसभा के माध्यम से की जायेगी. इस प्रस्ताव पर सभी उपस्थित सदस्यों ने सहमति जतायी. मौके पर डीसीएलआर नित निखिल सुरीन, मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत, मुसाबनी सीओ पवन कुमार, मऊभंडार स्थित एचसीएल आईसीसी के पदाधिकारी समेत क्षेत्र के ग्राम प्रधान व मुखिया उपस्थित थे.

मुसाबनी प्लांट में बहाली विवाद 
पर आज से गेट जाम

मुसाबनी. एचसीएल के मुसाबनी प्लांट में बहाली के मुद्दे को लेकर प्रखंड प्रमुख सह आजसू नेता रामदेव हेंब्रम के नेतृत्व में शुक्रवार (3 अप्रैल) से प्लांट गेट पर अनिश्चितकालीन गेट जाम आंदोलन करने की घोषणा की गयी है. अस्पताल चौक पर प्रेसवार्ता में उपस्थित नेताओं ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी . रामदेव हेंब्रम ने आरोप लगाया कि 1 अप्रैल को घाटशिला अनुमंडल कार्यालय में हुई बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर सत्तारूढ़ दल के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर नियोजन नीति तय की जा रही है. उन्होंने मांग की कि बहाली प्रक्रिया पारदर्शी हो और स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता मिले. चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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