डुमरिया. डुमरिया प्रखंड के सुदूरवर्ती लखाईडीह गांव में गुरुवार को जल जीवन मिशन के अपर सचिव एवं अभियान निदेशक कमल किशोर सोन दिल्ली से रांची होते हुए सीधे लखाईडीह पहुंचे. यह यात्रा न केवल एक आधिकारिक दौरा थी, बल्कि गांव के प्रति उनके गहरे लगाव का प्रतीक भी थी. उनके साथ उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, पद्मश्री छुटनी महतो और जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक नृत्य के साथ केके सोन का भव्य स्वागत किया. उन्होंने बनाव मुर्मू एवं पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके पश्चात उन्होंने दिशोम बोंगा एवं जाहेरथान में माथा टेका.
वर्ष 2000 पगडंडियां भी नहीं थीं
अपर सचिव कमल किशोर सोन वर्ष 2000 की यादों में खो गये. उन्होंने बताया कि फरवरी 2000 में जब मैं पहली बार यहां आया था, तब कोई सड़क नहीं थी. मैं 12 किमी पथरीले पहाड़ों को पार कर पैदल यहां पहुंचा था. तब स्कूल में सिर्फ 15 बच्चे थे और शिक्षक को मेहनताना के रूप में ग्रामीण धान-चावल देते थे. आज यहां 312 बच्चे पढ़ रहे हैं, यह मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है. बताया कि यहां से 20 बच्चों का दाखिला भारत सेवा संघ, जमशेदपुर में कराया गया था. इसमें विक्रमदीप भी शामिल है. विक्रमदीप आगे चलकर बीएचयू और जेएनयू में अध्ययन कर चुके हैं, जो गर्व की बात है. उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि पढ़ाई में कोई भी बाधा आये तो वे सीधे उपायुक्त को पत्र लिख सकती हैं. अपर सचिव ने नेताजी सुभाष आवासीय विद्यालय में पांच सेब के पौधे लगाये. उन्होंने नवनिर्मित बालिका छात्रावास और धुमकुड़िया भवन का बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया. डीसी कर्ण सत्यार्थी ने ग्राम प्रधान कान्हुराम टुडू की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अन्य ग्राम प्रधानों को भी अपनी संस्कृति बचाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे ही आगे बढ़ना चाहिए. इस मौके पर एमडी (जेजेएम) डॉ अरुण कुमार, डीडीसी नागेंद्र पासवान, एसडीओ सुनील चंद्र, डीइओ मनोज कुमार, डीएसपी संदीप भकत, बीडीओ निलेश मुर्मू सहित स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे. ग्रामीणों ने अपर सचिव से छात्राओं के लिए छात्रावास को जल्द पूर्ण रूप से चालू करने की मांग की ताकि उच्च शिक्षा में सुगमता हो सके.