घाटशिला. फूलडुंगरी में बजरंग बली की मूर्ति स्थापित करने का मामला
फूलडुंगरी में बजरंग बली की मूर्ति स्थापित करने पर गतिरोध जारी
काशीडांगा सेवा समिति के सदस्य मूर्ति नहीं हटाने पर अड़े, पुलिस तैनात
घाटशिला : घाटशिला वन विभाग कार्यालय के पीछे मंदिर में 19 फरवरी को बजरंग बली की मूर्ति स्थापित करने को लेकर गतिरोध दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा. काशीडांगा सेवा समिति ने मंदिर में बजरंग बली की मूर्ति स्थापित की. उक्त जमीन को वन विभाग ने अपना बता पूजा पर रोक लगा दी थी. मंगलवार की सुबह से यहां पुलिस मौजूद थी. वन विभाग ने प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की. वन विभाग की आपत्ति के बाद कार्यपालक दंडाधिकारी देवेंद्र कुमार दास को आना पड़ा.
श्री दास मंगलवार को मंदिर पहुंचे. यहां आयोजित कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पूजा पर रोक नहीं लगायी है. प्रशासन को मूर्ति स्थापित करने पर आपत्ति है. यहां मूर्ति सोच समझ कर स्थापित करनी चाहए थी. दूसरी तरफ प्रशासन ने पूजा करा रहे छह लोगों पर 107 का मामला दर्ज कराया है. पुलिस ने बताया कि 23 फरवरी तक मंदिर परिसर से अगर मूर्ति नहीं हटायी जाती है, तो कार्रवाई होगी. मंदिर से बजरंग बली की मूर्ति हटायी जायेगी और लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
इन छह लोगों पर मामला दर्ज : वन विभाग की आपत्ति के बाद पुलिस ने सुमन कुमार कश्यप, अमित राज साहु, रितु राज साहु, राम कुमार यादव, निताई दास और असित कुमार भट्टाचार्य के खिलाफ 107 का मामला दर्ज किया है.
शांति व्यवस्था को लेकर कलश यात्रा स्थगित : काशीडांगा सेवा समिति के सदस्यों ने कहा 19 फरवरी की रात में मंदिर परिसर में भजन कीर्तन बंद करा दिया गया. झंडा को हटा दिया गया. मंगलवार को महिलाएं कलश यात्रा निकालने वाली थीं. शांति भंग नहीं हो. इसके लिए कलश यात्रा स्थगित किया गया. इसके बाद भी प्रशासन कहता है कि पूजा पर रोक नहीं है. मंगलवार को दिन भर रेंज कार्यालय से एनएच 33 मूर्ति स्थल तक लोगों की भीड़ लगी रही. मंदिर के पास पुलिस का पहरा है.
प्रशासन की कड़ाई से मूर्ति हटाने को राजी हुई समिति
काशीडांगा सेवा समिति के सदस्य थाना प्रशासन की कड़ाई से 23 फरवरी तक मंदिर से बजरंग बली की मूर्ति हटाने पर राजी हो गये. कार्यपालक दंडाधिकारी देवेंद्र कुमार दास, रेंजर सुशील कुमार वर्मा, थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार सिंह की सक्रियता से समिति के सदस्यों ने मंदिर से मूर्ति हटाने की तिथि 23 फरवरी को निर्धारित कर दी है. समिति के सदस्यों ने शाम को लिखित दिया कि विधि व्यवस्था खराब नहीं होगी. वे 23 फरवरी को शांति से मंदिर से मूर्ति हटा लेंगे.
