चाकुलिया : एनसीएमएल के तहत समर्थन मूल्य पर बिचौलिया ओड़िशा से धान लाकर किसानों के नाम पर यहां बेच रहे हैं. बीते 10 जनवरी को केरुकोचा लैंपस में करीब 200 क्विंटल धान लदे ट्रक (ओआर 11 जी – 4888) पकड़ाने के मामले में बीडीओ ने जांच की. इसमें पता चला कि उस समय लिखित देने वाले दोनों किसानों का नाम दर्ज भूमि का रकबा गलत है.
किसानों ने लिखित दिया था धान उनका है : गौरतलब हो कि 10 जनवरी को पंचायत समिति के सदस्य बाघराय मांडी और ग्रामीणों ने ट्रक को रोका था. सूचना पाकर बीडीओ लेखराज राज नाग जांच करने पहुंचे थे. लैंपस में लोधाशोली पंचायत अंतर्गत खड़बंधा गांव के किसान सुराई हांसदा व मालकुंडी पंचायत के दुधियाशोल के किसान असित महतो ने लिखित दिया कि ट्रक पर लदा 200 क्विंटल धान उनका है. इसके बाद धान अनलोड हुआ. इसके बाद भुगतान पर रोक लगाते हुए मामले की छानबीन शुरू हुई.
सुराई ने कहा कि 100 क्विंटल धान उसका और असित महतो का 100 क्विंटल है. श्री महतो ने कहा कि पिक अप वैन से धान चाकुलिया लाया. यहां उक्त ट्रक पर लोड किया. दोनों ने लिखित दिया था कि धान बेचने के लिए उनके मोबाइल पर एसएमएस आया था. असित महतो ने कहा कि उसके दामाद के मोबाइल पर एसएमएस आया था. एनसीएमएल के कर्मचारी अनुराग कुमार का कहना था कि दोनों किसानों को धान बेचने के लिए एसएमएस भेजा गया था.
धान खरीदी में करोड़ों का घोटाला
सूत्रों के मुताबिक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में चंद बिचौलियों ने भोले-भाले किसानों को झांसा देकर करोड़ों का घोटाला किया है. पांच से आठ ऐसे बिचौलिया हैं, जिनके खाता में लाखों का लेन देन हुआ है. वहीं कई बिचौलियों के मोबाइल में किसानों के नाम धान बेचने के लिए एसएमएस भेजा गया है.
73 तथा 29 एकड़ भूमि पंजीकृत होने की बात कही
बीडीओ के समक्ष किसान सुराई हांसदा ने 73.5 एकड़ तथा असित महतो ने 29.50 एकड़ जमीन पंजीकृत होने की बात कही थी. सूत्रों के मुताबिक बीडीओ ने अंचल कार्यालय में जांच में यह बात सामने आयी कि दोनों किसान बीपीएलधारी नहीं हैं. दोनों किसानों के ई-उपार्जन में आईडी नंबर 203570030303 व 203570000109 रजिस्टर्ड है. एमएसपी सेंटर केरुकोचा दर्ज है. अंचल कार्यालय से भूमि का सत्यापन कराने से यह तथ्य सामने आया कि असित कुमार महतो के नाम पर 10.76 तथा सुराई हांसदा के पिता के नाम पर 4.90 एकड़ जमीन है. ऐसे में दोनों किसानों द्वारा ई-उपार्जन में दर्ज भूमि का रकबा गलत है. बीडीओ लेखराज नाग ने उक्त रिपोर्ट वरीय अधिकारी को भेज दी है.
एनसीएमएल के तहत केरुकोचा लैंपस में समर्थन मूल्य पर हो रही धान की खरीद
10 जनवरी को एक ट्रक पर लदे करीब दो सौ क्विंटल धान को पंसस व ग्रामीणों ने रोका था
बीडीओ के समक्ष दो किसानों ने लिखित दिया कि धान उनका है
बिचौलिया की भूमिका संदिग्ध
पूरे प्रकरण में एक बिचौलिया की भूमिका संदिग्ध है. घटना के दिन उक्त बिचौलिया भी वहां उपस्थित था. बिचौलिया ने ही किसानों से जमीन का कागजात लेकर पंजीयन कराया. मालकुंडी पंचायत के दुधियाशोल गांव के किसान असित महतो द्वारा केरूकोचा लैंपस में धान बेचने के लिए पंजीयन कराना जांच का विषय है. क्योंकि मालकुंडी से मुटूरखाम लैंपस की दूरी काफी कम है और यह पंचायत मुटूरखाम लैंपस के अधीन आता है. इस मामले में धान बेचने के लिए किसके मोबाइल में एसएमएस भेजा गया है. यह भी गहन जांच का विषय है.
