वार्ता में सहमति के बावजूद पांच माह का वेतन भुगतान नहीं करने से नाराजगी
प्रति माह मजदूरी भुगतान सुचारू करने की मांग
बीते छह अक्तूबर को मजदूरों ने दिया था धरना
गालूडीह : दारीसाई क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के मजदूर पांच माह का वेतन भुगतान नहीं होने से नाराज हैं. मंगलवार को मजदूरों ने बैठक कर एक दिसंबर से काम का बहिष्कार कर केंद्र के मुख्य द्वार पर धरना पर बैठने की घोषणा की. मजदूरों ने बताया कि 11 माह की मजदूरी बकाया था. हम लोगों ने छह अक्तूबर को धरना शुरू किया था. 14 अक्तूबर को त्रिपक्षीय वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ था. वार्ता में तय हुआ था 19 नवंबर तक सात माह का बकाया मजदूरी का भुगतान हो जायेगा. बाकी नवंबर तक भुगतान कर दिया जायेगा. सात माह की मजदूरी देने के बाद पांच माह की मजदूरी अब तक नहीं दी गयी.
कई बार केंद्र के सह निदेशक से गुहार लगायी. कोई पहल नहीं की गयी. मजदूरों ने बताया कि केंद्र में 37 स्थायी और 40 मौसमी मजदूर कार्यरत हैं. चार श्रेणी में मजदूरी भुगतान किया जाता है. अति कुशल को 396, कुशल को 339, अर्द्ध कुशल को 292 और अकुशल को 246 कर प्रति दिन मजदूरी दी जाती है. मजदूरों ने कहा कि वार्ता में तय समझौते पर बिरसा कृषि विवि और दारीसाई क्षेत्रीय अनुसंधान अमल नहीं कर रहा है. इससे मजदूरों में नाराजगी है.
बकाया वेतन की मांग और प्रति माह मजदूरी भुगतान सुचारू करने की मांग को लेकर एक दिसंबर से काम बहिष्कार कर धरना पर बैठ जायेंगे. मौके पर मजदूर हैंदल मांझी, सनातन महतो, भीम गोराी, शष्टी पद महतो, खैसा सबर, विश्वजीत महतो, पांडे मांझी, शंकर मांझी, रोहनी महतो, दास महतो, सेफाली मुंडा, दुलारी मुंडा, उत्तरा भकत, विनोदा बेरा आदि उपस्थित थे.
