बारिश से धान की फसल को क्षति, किसान चिंतित

धान काला होने की आशंका, किसानों को नहीं मिलेगी कीमत खेत में पड़े धान में अंकुर निकलने की आशंका है बहरागोड़ा/धालभूमगढ़ : 14 नवंबर से हो रही रिमझिम बारिश ने किसानों के चेहरे की खुशी छीन ली है. इस बारिश से किसान काफी चिंतित हैं. किसानों ने धान की फसल काट कर खेत में रखा […]

धान काला होने की आशंका, किसानों को नहीं मिलेगी कीमत

खेत में पड़े धान में अंकुर निकलने की आशंका है
बहरागोड़ा/धालभूमगढ़ : 14 नवंबर से हो रही रिमझिम बारिश ने किसानों के चेहरे की खुशी छीन ली है. इस बारिश से किसान काफी चिंतित हैं. किसानों ने धान की फसल काट कर खेत में रखा है. पानी से फसल भींग रहे हैं. एेसे में धान से अंकुर निकलने का आशंका हैं. अगर ऐसा हुआ तो किसानों को भारी नुकसान होगा. विदित हो कि इस साल धान की बेहतर खेती हुई है. इससे किसान काफी खुश थे. पिछले कई दिनों से धान की कटनी जोरों पर है. काटी गयी फसल खेत में रखी है. लगातार हो रही वर्षा से काट कर रखी गयी फसल भींग रही है. इससे बाली में ही धान के अंकुर निकल जायेंगे. किसानों का कहना है कि अगर वर्षा बंद नहीं हुई तो उनकी कमर ही टूट जायेगी.
हल्की बारिश के बाद काटी गयी धान की फसल बर्बाद
लगातार बुंदाबुंदी के बाद से काटी गयी धान की फसल बर्बाद होने लगी है. किसानों ने बताया कि धान कटनी जोरों से चल रही है. असमय वर्षा होने से काटी गयी धान की फसल खेत में भींग रही है. खलिहान में रखी धान की फसल भींगने लगी है. इससे धान और पुआल दोनों नष्ट हो रहे हैं. भींगे धान के चावल काला होने की आशंका है. बेचना चाहेंगे तो कोई व्यापारी लेना नहीं चाहता है. अनुरोध के बाद धान खरीदते हैं. बाजार मूल्य से कम रुपये मिलते हैं. पुआल की स्थिति भी वही है. मजदूर खेतों में काम नहीं कर रहे हैं. धान कटनी बंद है. पूर्व काटे गये धान खेतों और खलिहान में पड़े हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >