धालभूमगढ़ सीएचसी में महिला के शव के साथ छह घंटे लोगों ने किया हंगामा
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ सीएचसी में बीते 19 अक्तूबर को स्वस्थ बच्चे को जन्म देने वाली आरती सिंह की मंगलवार (14 नवंबर) को मेदिनीपुर (बंगाल) के अस्पताल में मौत हो गयी. बुधवार को ग्रामीणों ने आरती का शव सीएचसी गेट पर रख चिकित्सक व एएनएम पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाकर हंगामा किया. ग्रामीणों […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ सीएचसी में बीते 19 अक्तूबर को स्वस्थ बच्चे को जन्म देने वाली आरती सिंह की मंगलवार (14 नवंबर) को मेदिनीपुर (बंगाल) के अस्पताल में मौत हो गयी. बुधवार को ग्रामीणों ने आरती का शव सीएचसी गेट पर रख चिकित्सक व एएनएम पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाकर हंगामा किया. ग्रामीणों ने दोपहर एक बजे सीएचसी में ताला जड़ दिया. धालभूमगढ़ के नरसिंहगढ़ बाउरीपाड़ा के ग्रामीणों ने चिकित्सक डॉ संगीता लाल, एएनएम भारती निश्चिल और ममता लकड़ा को सस्पेंड करने की मांग की. सूचना मिलने पर एसडीओ अरविंद कुमार लाल सीएचसी पहुंचे.
उन्होंने ग्रामीणों को समझाया, लेकिन ग्रामीण अड़े रहे. शाम सात बजे सिविल सर्जन ने मोबाइल पर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की गयी है. टीम मामले की जांच करेगी. इसके बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी. मृतका की मां को आउट सोर्सिंग के तहत रोजगार मिलेगा. इसके बाद ग्रामीण शांत हुए. वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. दूसरी तरफ आरती सिंह का पुत्र स्वस्थ है. वह अपने नानी घर में है.
19 अक्तूबर को सीएचसी में हुआ प्रसव
आरती सिंह की मां मनी री ने बताया कि बेटी को प्रसव पीड़ा होने पर 19 अक्तूबर की सुबह सीएचसी लाया गया. आरती ने आधे घंटे बाद एक पुत्र को जन्म दिया. उनका घर अस्पताल के पास है. आरती सिंह को अस्पताल से दूसरे दिन सुबह घर भेजा गया.
डॉक्टर ने बिना जांच के कहा, यहां इलाज नहीं होगा
मृतका की मां ने बताया कि दर्द शुरू होने पर अस्पताल लाया गया. यहां एएनएम भारती निश्चिल और ममता लकड़ा ने बताया कि आरती को इंफेक्शन हो गया है. डॉ संगीता कुमारी को इसकी जानकारी दी. डॉ संगीता ने आरती को देखे बिना कहा उसका यहां इलाज नहीं होगा. आरती को परिवार वाले घाटशिला के सिंह नर्सिंग होम लेकर पहुंचे. यहां आरती को भर्ती नहीं किया गया. इसके बाद झाड़ग्राम जिला अस्पताल ले जाया गया. वहां तीन दिन तक इलाज के बाद चिकित्सकों ने बताया कि इंफेक्शन गंभीर है. यहां साधन और दवा उपलब्ध नहीं है. आरती को मिदनापुर ले जाइये.
मृतका की मां ने आरोप लगाया कि एएनएम ने लापरवाही से आरती की बच्चेदानी में कपड़ा और अन्य सामग्री छोड़ सिलाई कर दी. इसके कारण आरती को इंफेक्शन शुरू हुआ. आरती की मौत के लिए एएनएम और चिकित्सक जिम्मेवार है. हंगामा की सूचना मिलते ही बीडीओ शादां नुसरत, सीओ हरीश चंद्र मुंडा, पुलिस निरीक्षक अजय कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य रत्ना मिश्रा, जिप सदस्य आरती सामद समेत कई लोग अस्पताल पहुंचे.
एसडीओ ने दोनों पक्षों को लिखित देने व जांच का दिया आश्वासन, नहीं माने ग्रामीण
ग्रामीणों के मुताबिक आरती सिंह ने 14 नवंबर की रात दो बजे मेदिनापुर अस्पताल में दम तोड़ दिया. ग्रामीणों ने कहा कि गलत इलाज के कारण आरती की मौत हो गयी. ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला जड़ दिया. एसडीओ ने आरती सिंह की मां मनी री से घटना की जानकारी ली. चिकित्सक और एएनएम से भी जानकारी ली. एसडीओ ने मनी री को शिकायत लिखित रूप से देने की बात कही. चिकित्सक और दोनों एएनएम को अपना पक्ष सीओ के पास रखने का आदेश दिया. ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे. ग्रामीणों ने उनकी बात नहीं मानी और अपनी मांग पर अड़े रहे.
पांच दिन तक ठीक थी आरती छठे दिन दर्द शुरू हुआ
मृतका की मां ने बताया कि पांच दिनों तक आरती का स्वास्थ्य ठीक रहा. छठे दिन आरती के पेट में दर्द शुरू हुआ. अस्पताल जाकर नर्स को जानकारी दी. नर्स ने दो टैबलेट दिया. उसे खाने के बाद कुछ समय बाद आरती का दर्द खत्म हो गया. कुछ देर बाद दोबारा आरती पेट दर्द से छटपटाने लगी. उसे अस्पताल लाया गया.