पाटमहुलिया के मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बकाया
गालूडीह : मनरेगा मजदूरों को कई माह से मजदूरी नहीं मिली है. इसे लेकर मजदूर अब मनरेगा के काम से दूर भागने लगे हैं. घाटशिला प्रखंड की महुलिया पंचायत अंतर्गत पाटमहुलिया गांव में बुद्धेश्वर सिंह की जमीन पर जून 2017 को मनरेगा से 40/50 का डोभा स्वीकृत हुई. इस कार्य में लगे एक दर्जन से अधिक पुरुष और महिला मजदूरों का करीब बीस से 25 दिनों की मजदूरी अब तक नहीं मिली है. जून-जुलाई से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है. इससे मजदूरों में नाराजगी है.
मजदूरी की मांग को लेकर गुरुवार को कई मजदूर महुलिया पंचायत पहुंचे. मेट व रोजगार सेवक के समक्ष विरोध जताया. मेट पुष्पा सिंह ने बताया कि सभी मजदूरों का मास्टर रोल बनाकर ब्लॉक भेज चुके हैं. हाजिरी बनी है. एफटीओ भी हुआ है. इसके बावजूद ब्लॉक से भुगतान नहीं हो रहा है. कारण क्या है बता नहीं सकते. रोजगार सेवक मानु राम मार्डी ने बताया कि मैं तो नया आया हूं. पहले इस पंचायत में विजय मुंडा रोजगार सेवक थे. उनके समय का मामला है. मजदूर कल्याणी दलाई, तरणी मान्ना, कल्याणी मान्ना, सोमवारी साधनदार, मगली रानी सिंह, दीपक सिंह, छवि दलाई आदि ने बताया कि काम के बाद भी मजदूरी के लिए भटकना पड़ रहा है. ऐसे में कैसे मनरेगा योजना में काम करेंगे. 168 रुपये मजदूरी देने की बात कही गयी थी.
रोजगार सेवक ने कई मजदूरों का जॉब कार्ड अपने पास रखा
मजदूरों ने बताया कि महुलिया पंचायत के पूर्व रोजगार सेवक विजय मुंडा ने कई मजदूरों का जॉब कार्ड अपने पास रखा हुआ है. अब वह दूसरे पंचायत में चला गया है. हम लोगों के पास जॉब कार्ड तक नहीं है. जॉब कार्ड नहीं रहने से काम भी नहीं मिलेगा.
