दारीसाई में कीर्तन मंडली के साथ 151 महिलाअों ने निकाली कलश यात्रा
गालूडीह : रास (कार्तिक) पूर्णिमा पर शनिवार से दारीसाई राधा रानी मिलन कुंज (नवकुंज मंदिर) में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुआ. सुबह सुवर्णरेखा नदी के कुलियाना घाट से 151 महिलाओं और युवतियों ने कलश में पानी भर कर कलश यात्रा निकाली. कलश यात्रा के साथ कीर्तन मंडली भी चल रही थी.
रास उत्सव पर दारासाई नवकुंज मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्ति का भव्य स्नान किया गया. कलश में पानी लेकर पहुंची महिलाओं ने कलश के पानी से राधा-कृष्ण का स्नान कराया. फिर पूजा हुई. रकिंनी मंदिर के मुख्य पुजारी विनय दास बाबाजी भी मौके पर मौजूद थे. नवकुंज के पुजारी सुखदेव दास ने पूजा अर्चना की.
राधा-कृष्ण के स्नान के बाद शृंगार कराया गया. इसके बाद महिलाओं ने कलश मंदिर में स्थापित कर पूजा की. इस मौके पर नवकुंज (नौ मंदिरों) में हरी नाम संकीर्तन का आयोजन भी हुआ. कीर्तन में कई मंडलियों ने भाग लिया. दोपहर में भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया.
नवकुंज में लीला कीर्तन 6 और सात को: रास पूर्णिमा पर 6 और 7 नवंबर को नवकुंज मंदिर परिसर में लीला कीर्तन का आयोजन भी शाम सात बजे से होगा. बाकुंड़ा के गोपी जीवन गांगुली अपनी टीम के साथ कीर्तन में भाग लेंगे. कलश यात्रा और धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में हरीश चंद्र सिंह, चिन्मय महतो, पूर्ण चंद्र कर्मकार, उमा कांत गोप, चैतन गोराई, गुरुपद भकत आदि ने अहम भूमिका निभायी.
