हवाई पट्टी की भूमि अधिग्रहण के विरोध में अभिभावकों ने 31 अक्तूबर से बच्चों को स्कूल भेजना बंद किया था
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड के रुआशोल और दूधचुआ के स्कूल में दो दिनों बाद बच्चे पहुंचे और पढ़ाई हुई. धालभूमगढ़ हवाई पट्टी के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों ने 31 अक्तूबर से अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था. तीसरे दिन गुरुवार को रूआशोल उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में 15 बच्चे पहुंचे. प्रभारी प्रधानाध्यापक उषा रानी महतो और पारा शिक्षक सुभाष महतो ने बताया कि स्कूल में नामांकित बच्चों की संख्या 55 है. स्कूल आने वाले बच्चों के बीच मध्याह्र भोजन वितरण किया गया. बीइइओ जलेश्वर शाह ने दूरभाष पर बताया कि अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेजना शुरू किया है.
बुधवार को बीइइओ ने अभिभावकों से की थी अपील : विदित हो कि एक नवंबर को भी विद्यालय में बच्चे उपस्थित नहीं हुए थे. एक नवंबर को बीइइओ रूआशोल गांव पहुंचे थे. अभिभावकों से अपील की थी कि बच्चों के भविष्य के लिए बच्चों को विद्यालय भेजें.
बीडीओ के आश्वासन पर नरसिंहगढ़ स्कूल में पढ़ाई शुरू : धालभूमगढ़ की बीडीओ शादा नुसरत के आश्वासन के बाद नरसिंहगढ़ प्लस टू विद्यालय में गुरुवार को सामान्य दिनों की तरह की कक्षाएं चलीं. प्रधानाध्यापक गौतम लाहा ने बताया कि छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी मांगपत्र सौंपा. बीडीओ ने कहा कि विद्यालय परिसर में अभिभावकों के अलावा अन्य व्यक्ति भी आ सकते हैं. लेकिन जो व्यक्ति भी विद्यालय परिसर में आना चाहे, वह कार्यालय में उपलब्ध रजिस्टर में अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर के साथ ही स्कूल में आने का कारण भी जरूर लिखे. किसी के स्कूल के अंदर आने से पता नहीं चलता कि वह कौन है और किसलिए आया है. बीडीओ ने कहा कि स्कूल परिसर में घूमने वाले छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. बीडीओ ने बताया कि शिक्षक-शिक्षिकाएं असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. बातचीत से जल्द मामले का समाधान निकाला जायेगा.
