घाटशिला व सुरदा फीडर के लोग रात भर रहे अंधेरे में
घाटशिला : विद्युत विभाग की लापरवाही से घाटशिला की विद्युत व्यवस्था चरमरा गयी है. घाटशिला के लिए अलग से 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगने के बाद विद्युत आपूर्ति और बदहाल हो गयी है. बीते तीन दिनों से आठ से 10 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है. 20 अक्तूबर की रात घाटशिला और सुरदा फीडर के उपभोक्ताओं को रातभर अंधेरे में काटना पड़ा. सुरदा फीडर की विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया. मगर रात में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हुई.
वहीं घाटशिला की विद्युत आपूर्ति रात 8.45 बजे बहाल हुई. लेकिन 11 बजे रात में अचानक विद्युत आपूर्ति बाधित हो गयी. उपभोक्ताओं को रात अंधेरे में बिताना पड़ा. विद्युत मिस्त्री का कहना है कि मुसाबनी के मेढ़िया में हाई टेंशन तार पर पेड़ की डाली गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित रही. सुबह लगभग 11 बजे (12 घंटे बाद) विद्युत आपूर्ति बहाल हुई. इस दौरान उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा.
बांस से दबाव डाल स्विच ऑन करते हैं
करीब 50 साल पुराने उपकरणों को विद्युत विभाग बदल नहीं रहा है. घाटशिला के यूनाइटेड बैंक के पास स्विच है. इस स्विच को बांस से ऑन-ऑफ किया जाता है. शनिवार को 11 बजे जब मेढ़िया में तार पर गिरे पेड़ की डाली हटाने के बाद विद्युत कर्मी घाटशिला के यूनाइटेड बैंक के पास मुख्य स्विच को ऑन करने पहुंचे, तो एक अस्थायी बिजली मिस्त्री पंजाब नेशनल बैंक के उपर की छत पर चढ़ कर स्वीच को ऑन करने के लिए बांस का सहारा ले रहा था. विदित हो कि इसी जगह पर तीनों तरफ की बिजली ऑन और ऑफ करने का स्वीच है. स्वीच पुराना होने के कारण उसे बांस या लकड़ी से दबाव बनाना पड़ता है. इसके बाद ही स्वीच ऑन होता है. विद्युत विभाग इस पुराने स्वीच को बदलने की दिशा में प्रयास नहीं कर रहा है.
वाहन के धक्के से खंभा गिरने से परेशानी हुई
झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक ने बताया कि रात में किसी वाहन ने खंभा में धक्का मार दिया. इससे तार गिर गया है. वहीं पुराने उपकरण होने और वर्षा के साथ-साथ लाइटिंग होने से इंसुलेटर पंचर हो रहे हैं. इससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है. विद्युत आपूर्ति बहाल करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है.
