पूर्णिमा एक दिन के लिए बनी गोबरघुसी स्कूल की प्रधानाध्यापिका
पटमदा : अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को उत्क्रमित उच्च विद्यालय गोबरघुसी की 10वीं की छात्रा पूर्णिमा कालिंदी को एक दिन के लिए गोबरघुसी स्कूल की प्रधानाध्यापिका बनाया गया. पूर्णिमा कालिंदी को प्रधानाध्यापिका का पदभार मिलते ही उन्होंने लोगों को संबंधित करते हुए कहा कि 8वीं, नवीं व […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटमदा : अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को उत्क्रमित उच्च विद्यालय गोबरघुसी की 10वीं की छात्रा पूर्णिमा कालिंदी को एक दिन के लिए गोबरघुसी स्कूल की प्रधानाध्यापिका बनाया गया. पूर्णिमा कालिंदी को प्रधानाध्यापिका का पदभार मिलते ही उन्होंने लोगों को संबंधित करते हुए कहा कि 8वीं, नवीं व 10वीं की छात्र-छात्राअों को पढ़ार्इ पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
पूर्णिमा ने कहा कि सरकारी सुविधा मिलने के बाद भी बच्चे स्कूल कम आते है. अभिभावकों को अपने बच्चों के पठन पाठन पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके. प्रधानाध्यापिका पूर्णिमा कालिंदी ने बाल संसद अौर एसएमसी के सदस्यों संग बाल विवाह, बाल मजदूरी व ड्रप आउट पर चर्चा की.
नव भारत जागृति केंद्र (एनबीजेके) संस्थान द्वारा किशोर किशोरियों की सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाध्यापक रामनरेश सिंह, एनबीजेके संस्थान के मंजुला गुड़िया, संजली टुडू, अनीता कुमारी, पूर्व मुखिया नीलरतन पाल, अभिभावक व स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे.
उत्क्रमित मध्य विद्यालय बोड़ाम व कोलाबनी की छात्रा भी बनी प्रधानाध्यापिका
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह के तहत कार्यक्रम आयोजित कर उत्क्रमित मध्य विद्यालय बोड़ाम की छात्रा भारती प्रमाणिक व उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोलाबनी की छात्रा मली सिंह को भी एक दिन के लिए अपने स्कूल के प्रधानाध्यापिका का पदभार दिया गया. स्कूल के प्रधानाध्यापक ने अपना-अपना पद एक दिन के लिए अपनी स्कूल की छात्राअों को सौंपा. बालिका दिवस के अवसर पर प्लान इंडिया एवं नव जागृति केंद्र के प्रयास से बोड़ाम प्रखंड के इन दोनों स्कूलों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. मौके पर स्कूल के प्रधानाध्यापक, समेत संस्थान के लोग मौजूद थे.