मोको मातु कष्ट अति घेरो। तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा में गुरुवार को अष्टमी पूजा की गयी. दुर्गा पूजा पंडालों में विशेष समय पर संधि पूजा की गयी. मां दुर्गा को 108 सरसों के तेल के दिए केले के पत्ते पर रखकर चढ़ाये गये. सभी पूजा पंडालों में आरती से मां की आराधना की गयी. अष्टमी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन मां दुर्गा के महागौरी रूप का पूजन किया जाता है. सुंदर, अति गौर वर्ण होने के कारण इन्हें महागौरी कहा जाता है. महागौरी की आराधना से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं, समस्त पापों का नाश होता है,
सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है और हर मनोकामना पूर्ण होती है. पूजा के लिए पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ी. यहां के सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी बोड़शाल, सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमेटी जगन्नाथपुर, सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी खंडामौदा, सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी इचड़ाशेाल, सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमेटी राजलाबांध, सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमेटी बहरागोड़ा, सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमेटी मानुषमुड़िया, सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमेटी चौरंगी, सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमेटी केशरदा, सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमेटी कुमारडुबी में मां दुर्गा की पूजा की जा रही है. कमेटी द्वारा भव्य पंडाल का निर्माण कराया गया है.
