आदिवासी छात्रावास का भवन हुआ जर्जर रसोइया नहीं, हॉस्टल छोड़ रहे विद्यार्थी

गुड़ाबांदा : फोकस एरिया गुड़ाबांदा प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है. ज्वालकांटा स्थित मिलन बिथी हाई स्कूल से सटे कल्याण विभाग द्वारा संचालित 25 बेड का आदिवासी छात्रावास सुविधा विहीन है. इसके कारण विद्यार्थी छात्रावास छोड़कर भाग रहे हैं. छात्रावास के 12 छात्रों में छह वहां से जा चुके हैं. अब दूर दराज गांव के […]

गुड़ाबांदा : फोकस एरिया गुड़ाबांदा प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है. ज्वालकांटा स्थित मिलन बिथी हाई स्कूल से सटे कल्याण विभाग द्वारा संचालित 25 बेड का आदिवासी छात्रावास सुविधा विहीन है. इसके कारण विद्यार्थी छात्रावास छोड़कर भाग रहे हैं. छात्रावास के 12 छात्रों में छह वहां से जा चुके हैं. अब दूर दराज गांव के सिर्फ छह छात्र रहते हैं.

छात्रावास भवन जर्जर, खुद भोजन बनाते हैं विद्यार्थी: ल्याण विभाग से वर्ष 1998 में छात्रावास का निर्माण हुआ था. इसमें प्रखंड के दुर्गम गांवों के छात्र रहकर मिलन बिथी हाई स्कूल में पढ़ते हैं. स्थिति यह है कि छात्रावास भवन जर्जर हो गया है, छत से पानी टपकता है. खिड़कियां टूट गयी हैं. छात्रावास में कोई सुविधा नहीं है. छात्रावास में रसोइया का पदस्थापन नहीं है, जबकि रसोइया का पद सृजित है. छात्र खुद भोजन बनाते हैं. आज स्थिति यह है कि यहां सिर्फ छह छात्र बच गये हैं.
छात्रावास में कोई सुविधा नहीं
छात्रावास में रहने वाले चिरबगोड़ा के रामचंद्र टुडू, पृथ्वी नाथ मुर्मू, गुरु चरण मांडी, खेजुरदाड़ी के बबलू हांसदा, भाखर के कार्तिक महतो, सिंहपुरा के भवेश महतो ने कहा कि छात्रावास में कोई सुविधा नहीं है. वे भोजन खुद बनाते हैं. सुविधा नहीं होने के कारण छात्र भाग रहे हैं. विदित हो कि यह प्रखंड का एकमात्र छात्रावास है. प्रखंड में अनेक बीहड़ गांव हैं, जहां से छात्राओं के लिए स्कूल आना-जाना संभव नहीं हो पाता है. इसके कारण शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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