फॉर्मासिस्ट के भरोसे होता है मरीजों को इलाज
हर रोज दो घंटा लेट आते हैं फॉर्मासिस्ट व एएनएम
बहरागोड़ा : बंगाल सीमा से सटे बहरागोड़ा के पूर्वांचल क्षेत्र में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था दम तोड़ रही है. जनता बंगाल की चिकित्सा के भरोसे है. प्रखंड के चित्रेश्वर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का पदस्थापित नहीं है. यह केंद्र एक फॉर्मासिस्ट व दो एएनएम के भरोसे चलता है. केंद्र के खुलने का समय सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक है. दुर्भाग्य है कि फॉर्मासिस्ट प्रदीप कुमार पंडा और एएनएम कल्पना कुमारी व तारा कुमारी रोज दो घंटे लेट आती हैं. मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. चपरासी बंदेश कुमार सिंह भी दो घंटे लेट से आता है. केंद्र में सुविधाओं व दवाओं का अभाव है.
गुरुवार को केंद्र में सुबह नौ बजे कई मरीज पहुंचे थे. सफाई कर्मी गौरांग श्यामल निर्धारित समय पर पहुंचा था. एएनएम कल्पना कुमारी व तारा कुमारी साढ़े 10 बजे केंद्र पहुंची. वहीं फॉर्मासिस्ट प्रदीप कुमार पंडा व चपरासी बंदेश सिंह 11 बजे पहुंचे. लेट का कारण पूछने पर वाहन खराब होने व बाइक खराब होने की बात कही. अस्पताल पहुंचे. मरीज स्वपन बेरा, सुखेंदु घोष, निरोद श्यामल, दिलीप साव आदि का कहना था कि यह केंद्र स्वास्थ्य विभाग के नियमों से नहीं, स्वास्थ्य कर्मियों की मर्जी से चलता है. स्वास्थ्य कर्मी हर रोज दो घंटा लेट आते हैं. सिर्फ सफाई कर्मी ही सही समय पर आते हैं.
प्रसव गृह सुविधा विहीन
एएनएम कल्पना कुमारी व तारा कुमारी ने बताया कि केंद्र में प्रसव होता है. प्रसव गृह में सुविधाओं का अभाव है. अगस्त में यहां 14 प्रसव हुए. वहीं सितंबर में अब तक पांच माताओं का प्रसव हुआ. प्रसव गृह में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं है. वहीं बेबी केयर मशीन नहीं है. इससे असुविधा होती है.
