चाकुलिया : सरकार ने आदिम जनजातियों के लिए डाकिया योजना शुरू की है. इस योजना के तहत प्रति माह 35 किलो चावल सबरों के घर पहुंचाने का प्रावधान है. मगर प्रखंड की मालकुंडी पंचायत के बड़ामचाटी सबर टोला के सबर इस योजना से वंचित हैं. उन्हें लाल कार्ड के तहत डीलर द्वारा चावल दिया जाता है. डीलर ने दो माह का चावल नहीं दिया है.
इससे यहां के आठ सबर परिवार भुखमरी के कगार पर हैं. दिनु सबर, मालती सबर, सुनील सबर, सुंदरी सबर ने बताया कि उन्हें लाल कार्ड से चावल मिलता है. सबरों ने बताया कि डीलर गौरी शंकर सिंह ने जून व अगस्त का चावल नहीं दिया है. चावल लेने जाने पर डीलर द्वारा कहा जाता है कि उसने चावल का उठाव नहीं किया है. चावल नहीं मिलने से उनके समक्ष भुखमरी की समस्या आगयी है.
