ममता वाहन संचालक ने छत्तीसगढ़ में थाना प्रभारी से बात की
धालभूमगढ़ : ममता वाहन संचालक सरोज कुमार महतो ने रायगढ़ (छत्तीसगढ़) गांव स्थित गाढ़ापली के बसंत कुमार कोसले को उसकी मां से मिलाने में मदद की. बसंत करीब पांच साल से धालभूमगढ़ में विक्षिप्त जैसे घूम रहा था. बसंत कभी साल जंगल, स्टेशन परिसर तो कभी काली मंदिर की सीढ़ी पर रात बिताता था. श्री […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
धालभूमगढ़ : ममता वाहन संचालक सरोज कुमार महतो ने रायगढ़ (छत्तीसगढ़) गांव स्थित गाढ़ापली के बसंत कुमार कोसले को उसकी मां से मिलाने में मदद की. बसंत करीब पांच साल से धालभूमगढ़ में विक्षिप्त जैसे घूम रहा था. बसंत कभी साल जंगल, स्टेशन परिसर तो कभी काली मंदिर की सीढ़ी पर रात बिताता था. श्री महतो ने बसंत को वर्ष 2016 में जूठन खाते देखा.
इसके बाद उसे बीच-बीच में खाना खिलाता था. इसके बाद बसंत ने उसे अपना नाम और पता लिख कर दिया. श्री महतो ने इंटरनेट सर्च कर गांव, थाना, जिला थाना का फोन नंबर पता लगाया. सिरसिवा थाना प्रभारी को फोन पर बसंत के माता-पिता और भाई के नाम के साथ पूरा परिचय दिया. थाने में लापता रिपोर्ट दर्ज है या नहीं इसकी जानकारी ली.
उसने यहां लगभग पांच साल से रहने की बात कही. श्री महतो को लगातार सिरसिवा थाना प्रभारी के संपर्क से एक दिन बसंत को उसकी मां से बात करायी. उसने सोशल मीडिया में भेज गये फोटो से बसंत की पहचान की. सिरसिवा थाना प्रभारी ने दो सिपाहियों को धालभूमगढ़ भेजा. यहां से बसंत घर रवाना हुआ.