डुमरिया के नवजात ने रास्ते में दम तोड़ा

डुमरिया : पूर्वी सिंहभूम जिला के सबसे पिछड़े प्रखंड डुमरिया के एक और नवजात की मौत गुरूवार को उचित इलाज के अभाव में हो गयी. डुमरिया सीएचसी से घाटशिला अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया और यहां से नवजात को एमजीएम रेफर किया गया. नवजात ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. प्रखंड की पलाशबनी पंचायत […]

डुमरिया : पूर्वी सिंहभूम जिला के सबसे पिछड़े प्रखंड डुमरिया के एक और नवजात की मौत गुरूवार को उचित इलाज के अभाव में हो गयी. डुमरिया सीएचसी से घाटशिला अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया और यहां से नवजात को एमजीएम रेफर किया गया. नवजात ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

प्रखंड की पलाशबनी पंचायत के बड़ाबोतला गांव के जगमोहन नायक की पत्नी शांति सरदार ने गुरुवार को सीएचसी के लेबर रूम में बच्ची को जन्म दिया. बच्ची का वजन एक किलो आठ सौ ग्राम था. स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक नवजात की नाक से खून बह रहा था और सीने में पानी जमा था. इसलिए जच्चा और बच्चा को घाटशिला अनुमंडल अस्पताल के सीएनसी में रेफर कर दिया गया. नवजात के पिता जगमोहन नायक के मुताबिक घाटशिला अस्पताल में बच्ची का इलाज नहीं किया गया. एमजीएम रेफर कर दिया गया. बच्ची को ऑक्सीजन दिये बगैर ही भेजा गया. मैंने चिकित्सक से कहा था कि बच्ची को ऑक्सीजन देकर भेजा जाये. एमजीएम जाने के दौरान जगन्नाथपुर के पास बच्ची की मौत हो गयी.
नवजात बच्ची का वजन कम था और उसके सीने में पानी जमा था. उचित इलाज के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल के सीएनसी में रेफर किया गया.
डॉ डीसी मुर्मू, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डुमरिया, सीएचसी.
नाइट ड्यूटी के कारण में दिन में अस्पताल नहीं गया. इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है. जो चिकित्सक ड्यूटी पर होंगे, उन्हें इसकी जानकारी होगी.
डॉ शंकर टुडू, प्रभारी चिकित्सा प्रभारी, अनुमंडल अस्पताल, घाटशिला.

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