गालूडीह : जिला खनन पदाधिकारी वेकेंटेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में जिला खनन विभाग और घाटशिला अंचल विभाग की टीम ने मंगलवार को गालूडीह व घाटशिला में सुवर्णरेखा नदी किनारे स्थित बालू घाटों का निरीक्षण किया. टीम में जियोलॉजिस्ट ज्योति शंकर, सर्वेक्षक सुरेंद्र कुमार, घाटशिला सीओ राजेंद्र प्रसाद सिंह, कर्मचारी सुजीत साव आदि शामिल थे. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गालूडीह : जिला खनन पदाधिकारी वेकेंटेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में जिला खनन विभाग और घाटशिला अंचल विभाग की टीम ने मंगलवार को गालूडीह व घाटशिला में सुवर्णरेखा नदी किनारे स्थित बालू घाटों का निरीक्षण किया. टीम में जियोलॉजिस्ट ज्योति शंकर, सर्वेक्षक सुरेंद्र कुमार, घाटशिला सीओ राजेंद्र प्रसाद सिंह, कर्मचारी सुजीत साव आदि शामिल थे.
जिला खनन पदाधिकारी ने गालूडीह बराज डैम से सटे दिगड़ी, सुवर्णरेखा रेल ब्रिज से सटे चंद्ररेखा सहित देवली, धोरासाई, मऊभंडार आदि बालू घाटों का निरीक्षण किया. जिला खनन पदाधिकारी ने कहा कि चंद्ररेखा रेल ब्रिज से घाट बिल्कुल सटा है. नियम है ब्रिज से कम से कम 500 मीटर की दूरी तक खनन नहीं हो सकती. यहां 500 मीटर की दूरी में खनन कार्य बंद कराया जायेगा. हालांकि अभी डैम का फाटक बंद रहने से नदी में पानी भरा है.
दिगड़ी घाट में खनन हो सकता है बंद
जिला खनन पदाधिकारी ने कहा कि दिगड़ी घाट भी गालूडीह बराज डैम व पुल से सटा है. इसकी भी दूरी 500 मीटर की जद में है. यह घाट भी बंद हो सकता है. जिला खनन पदाधिकारी और सीओ ने बताया कि सरकारी निर्देश पर निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला को सौंपेंगे. कौन-कौन घाट में कितना बालू स्टॉक होता है. रास्ता क्या है. सामने पुल-पुलिया है या नहीं. घाट का एरिया, प्लांट का जिक्र कर रिपोर्ट बनायी जायेगी. इसके बाद विभागीय आदेश पर आगे की कार्रवाई होगी. सीओ ने कहा सरकार का मकसद है खनिज संपदा की लूट रुके. सरकार को राजस्व प्राप्त हो.