दुमका : दुमका में कल्याण छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से लंबित छात्रवृत्ति के भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को जिले के छात्र-छात्राओं का आक्रोश सड़कों पर दिखा. संताल परगना समन्वय समिति के बैनर तले सैकड़ों विद्यार्थियों ने एसपी कॉलेज परिसर से समाहरणालय तक आक्रोश महारैली निकाली. हाथों में तख्तियां और मांगों से संबंधित नारे लिखे पोस्टर लेकर विद्यार्थी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचे. वहां छात्रों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन के बाद छात्र प्रतिनिधियों के एक शिष्टमंडल ने वहां मौजूद पदाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, कल्याण मंत्री और संताल परगना प्रमंडल के आयुक्त के नाम नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा. छात्रों ने कहा कि छात्रावासों की समस्याओं के समाधान को लेकर लगातार मांग उठायी जा रही है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है.
तख्तियों पर दिखी छात्रावासों की बदहाली
रैली में एसपी महिला कॉलेज समेत विभिन्न कल्याण छात्रावासों के छात्र-छात्राओं की बड़ी भागीदारी रही. विद्यार्थियों के हाथों में छात्रवृत्ति भुगतान, छात्रावासों की मरम्मत, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों की तख्तियां थीं. छात्र-छात्राएं सरकार और कल्याण विभाग से समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे.
छात्र नेताओं ने कहा कि संताल परगना के बड़ी संख्या में विद्यार्थी सुदूर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं. ऐसे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और छात्रावास उच्च शिक्षा जारी रखने का महत्वपूर्ण सहारा है. छात्रवृत्ति में देरी और छात्रावासों में सुविधाओं की कमी का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है.
दो सत्र की छात्रवृत्ति अब तक लंबित
छात्र समन्वय समिति के नेता डॉ श्यामदेव हेंब्रम ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 की छात्रवृत्ति अब तक विद्यार्थियों के खातों में नहीं पहुंची है. दो सत्र से राशि लंबित रहने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को कॉलेज फीस, किताबें और मेस का खर्च उठाने में परेशानी हो रही है. समिति ने 2026-27 की छात्रवृत्ति प्रक्रिया भी निर्धारित समयसीमा में पूरी करने की मांग की है.
छात्र नेताओं ने कहा कि कई कल्याण छात्रावासों में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थी रह रहे हैं. इसके बावजूद बढ़ती संख्या के अनुरूप नए छात्रावास भवनों का निर्माण नहीं कराया जा रहा है. कई भवन जर्जर हो चुके हैं और तत्काल मरम्मत की जरूरत है.
रसोइया और रात्रि प्रहरी के पद खाली
छात्रों के अनुसार छात्रावासों में रसोइया, सफाईकर्मी और रात्रि प्रहरी के पद खाली हैं. इससे छात्रावासों की व्यवस्था प्रभावित होने के साथ विशेषकर महिला छात्रावासों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है. विद्यार्थियों ने स्वच्छ पेयजल, निर्बाध बिजली, साफ शौचालय, फर्नीचर, किचन सामग्री, पुस्तकालय, अध्ययन सामग्री और खेलकूद के संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की.
नौ सूत्री मांगों में छात्रवृत्ति से भवन तक
राजीव बास्की, राजेन्द्र मुर्मू, बाबूराम टुडू और जीतलाल हांसदा समेत अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. तय समयसीमा के भीतर समस्याओं के समाधान के लिए लिखित कार्ययोजना तैयार नहीं की गयी, तो छात्र चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे. जरूरत पड़ी तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जायेगा.
समिति की ओर से सौंपे गये नौ सूत्री मांग पत्र में सत्र 2024-25 और 2025-26 की लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान, 2026-27 की छात्रवृत्ति प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने, जर्जर छात्रावास भवनों की मरम्मत और विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप नये छात्रावास भवनों के निर्माण की मांग की गयी है.
इसके अलावा पर्याप्त संख्या में रसोइया, रात्रि प्रहरी और सफाईकर्मियों की व्यवस्था, पेयजल, बिजली, शौचालय व साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था, फर्नीचर, किचन सामग्री, पुस्तकालय, अध्ययन और खेलकूद सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गयी है.
