संताल हूल दिवस पर मुख्य द्वार पर होगा स्वागत समारोह, 30 जून को आयोजित होगा मुख्य कार्यक्रम संवाददाता दुमका सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में शनिवार को संताल हूल दिवस के अवसर पर भोगनाडीह जाने वाले पदयात्रियों का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा. इसके लिए विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार एवं कैंटीन प्रांगण में सुबह 10:30 बजे स्वागत समारोह आयोजित होगा. भोगनाडीह साहिबगंज जिले में स्थित संताल हूल के महानायक सिदो मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चांद मुर्मू, भैरव मुर्मू, फूलो मुर्मू और झानो मुर्मू की जन्मस्थली है. वर्ष 2005 से गोटा भारत सिदो कान्हू हूल बैसी के बैनर तले दुमका के सिदो-कान्हू चौक से भोगनाडीह तक प्रत्येक वर्ष पदयात्रा निकाली जाती है. एसकेएमयू भी वर्षों से इस पदयात्रा के दौरान यात्रियों का स्वागत करता आ रहा है और इस वर्ष भी इसी परंपरा का निर्वहन करेगा. पदयात्रियों के स्वागत की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए विश्वविद्यालय ने डॉ सुजीत सोरेन, डॉ पूनम हेम्ब्रम, डॉ सुमित्रा हेम्ब्रम, डॉ सुशील टुडू, डॉ बिनोद मुर्मू, नीरज बास्की और डॉ अंजुला मुर्मू की समिति गठित की है. समिति को कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर स्थित सिदो-कान्हू स्मारक पर माल्यार्पण से होगी. इसके बाद मुख्य स्वागत समारोह कैंटीन प्रांगण में आयोजित किया जाएगा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी शिक्षकों एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि मुहर्रम के अवसर पर 26 और 27 जून को अवकाश रहने के बावजूद परंपरा को कायम रखते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. कुलपति प्रो. कुनुल कांडिर के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिवार पदयात्रियों का स्वागत करेगा. विश्वविद्यालय में संथाल हूल की गौरवशाली विरासत को सम्मान देने के लिए दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. पहला कार्यक्रम शनिवार को पदयात्रियों के स्वागत के रूप में होगा, जबकि दूसरा एवं मुख्य समारोह 30 जून को विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित किया जाएगा. इसमें संताल हूल के इतिहास, उसके योगदान और वीर शहीदों के बलिदान को याद किया जाएगा.
भोगनाडीह जाने वाले पदयात्रियों का आज एसकेएमयू करेगा पारंपरिक स्वागत
संताल हूल दिवस पर मुख्य द्वार पर होगा स्वागत समारोह, 30 जून को आयोजित होगा मुख्य कार्यक्रम
