काठीकुंड: शिकारीपाड़ा प्रखंड के छात्र-छात्राओं ने शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन से शिकारीपाड़ा महाविद्यालय को पुनः परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग की है. इस संबंध में दर्जनों छात्र-छात्राओं ने विधायक को आवेदन सौंपकर दुमका में परीक्षा केंद्र होने से होने वाली परेशानियों से अवगत कराया.
40 से 50 किलोमीटर दूर परीक्षा देने जाने की मजबूरी
छात्र-छात्राओं ने आवेदन में बताया कि शिकारीपाड़ा आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां से दुमका की दूरी करीब 40 से 50 किलोमीटर है. परीक्षा केंद्र दुमका में होने के कारण विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.
प्रातःकालीन परीक्षा होने की स्थिति में कई विद्यार्थियों को एक दिन पहले ही दुमका पहुंचकर किराये के कमरे या लॉज में ठहरना पड़ता है. इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है. वहीं, छात्राओं और उनके अभिभावकों को सुरक्षा एवं आवागमन को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
भारी वाहनों के परिचालन से दुर्घटना और जाम का खतरा
छात्रों ने विधायक को बताया कि शिकारीपाड़ा क्षेत्र से गुजरने वाली दुमका-रामपुरहाट मुख्य सड़क पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहनों का परिचालन होता है. इस मार्ग पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं और जाम की स्थिति बनी रहती है.
ऐसे में परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों को समय पर दुमका स्थित परीक्षा केंद्र पहुंचने में परेशानी होती है. कई बार जाम या अन्य कारणों से विद्यार्थियों के परीक्षा से वंचित होने की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है.
विधायक ने वीसी और विभागीय अधिकारियों से की बात
छात्र-छात्राओं ने कहा कि शिकारीपाड़ा महाविद्यालय को पुनः परीक्षा केंद्र बनाए जाने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिलेगी. इससे समय और धन की बचत के साथ छात्राओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी.
मौके पर विधायक आलोक कुमार सोरेन ने वीसी से फोन पर बात कर मामले की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने सीएमओ तथा विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पीए से भी बात की. विधायक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि छात्रों की मांग को लेकर वह स्वयं विभागीय मंत्री से मिलेंगे और मामले के समाधान के लिए पहल करेंगे.
