किशोरों की सेहत के प्रहरी बनेंगे साथिया, दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

दुमका में किशोर स्वास्थ्य और पोषण पर केंद्रित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है. इस प्रशिक्षण में 'साथिया' को किशोर स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य, माहवारी, यौन संचारित संक्रमण और संतुलित आहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है.

दुमका : प्रखंड स्तरीय सांस्कृतिक भवन, शिकारीपाड़ा में ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम के तहत साथिया बैच-2 के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.

किशोर स्वास्थ्य एवं पोषण की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित साथिया को किशोर स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य, माहवारी, यौन संचारित संक्रमण, एचआईवी संक्रमण तथा संतुलित आहार एवं तिरंगा भोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी.

SHWP और उमंग दिवस पर बताया उद्देश्य

प्रतिभागियों को स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम (SHWP) तथा उमंग दिवस (UMANG Diwas) के उद्देश्य और महत्व के बारे में बताया गया. प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न वीडियो सत्रों के माध्यम से विषयों को सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया गया, ताकि साथिया प्रशिक्षण में मिली जानकारी को आसानी से अपने गांव और समुदाय तक पहुंचा सकें.

समुदाय तक जानकारी पहुंचाने की अपील

इस अवसर पर चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट के अमित कुमार, मनोज कुमार, देवेंद्र गुप्ता एवं संदीप कुमार ने सभी पीयर एजुकेटर्स से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को समुदाय के लोगों तक पहुंचाने की अपील की. उन्होंने विशेष रूप से किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, स्वस्थ व्यवहार तथा मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से संबंधित जानकारी के प्रसार पर जोर दिया.

जागरूकता फैलाने में साथिया की महत्वपूर्ण भूमिका

वक्ताओं ने कहा कि किशोरावस्था में स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी सही जानकारी मिलने से किशोर-किशोरियां कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं. साथिया अपने-अपने क्षेत्र में किशोरों के बीच जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

दो प्रखंडों में संस्था कर रही सहयोग

बताया गया कि चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट, चेन्नई की ओर से दुमका जिले के शिकारीपाड़ा और गोपीकांदर प्रखंडों में मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य एवं किशोर स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग किया जा रहा है. ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित जानकारी का व्यापक स्तर पर प्रसार करना है. प्रशिक्षण के माध्यम से साथिया को समुदाय में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anand Jayswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >