दुमका : यामाहा मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक समेत कंपनी के तीन अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय ने गैर-जमानती अधिपत्र जारी किया है. गुरुवार को न्यायिक दंडाधिकारी नेहा झा की अदालत ने परिवादी एवं यामाहा कंपनी के दुमका डीलर दिलीप कुमार पटवारी के अधिवक्ता के अनुरोध पर यह आदेश जारी किया.
पहले जारी हुआ था जमानतीय अधिपत्र
जानकारी के अनुसार, यह मामला पूर्व में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनूप तिर्की के न्यायालय में विचाराधीन था. उक्त न्यायालय द्वारा मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपितों के खिलाफ जमानतीय अधिपत्र जारी किया गया था. पिछली तिथि पर यामाहा कंपनी के निदेशक समेत तीन आरोपितों के खिलाफ जारी जमानतीय अधिपत्र चेन्नई डीजीपी और कोलकाता डीजीपी को न्यायालय से रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजा गया था. अधिपत्र जुलाई माह में ही संबंधित कार्यालयों को प्राप्त हो चुका था, जिसकी ट्रैकिंग रिपोर्ट भी न्यायालय में प्रस्तुत की गयी थी.
उपस्थित नहीं हुए आरोपित, अब गैर-जमानती अधिपत्र
इसके बावजूद आरोपितों के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर गुरुवार को न्यायिक दंडाधिकारी नेहा झा ने कंपनी के निदेशक, कार्यकारी निदेशक और आशीष इकबाल खान के खिलाफ गैर-जमानती अधिपत्र जारी किया.
करीब छह लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी और इंसेंटिव का आरोप
मामला 16 नवंबर 2024 को दायर शिकायत पर आधारित है. शिकायतकर्ता दिलीप कुमार पटवारी ने आरोप लगाया है कि यामाहा मोटर इंडिया सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने उनके साथ धोखाधड़ी की. उनका आरोप है कि कंपनी की ओर से ली गयी करीब छह लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी और इंसेंटिव की राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ.
