बासुकिनाथ श्रावणी मेला में डिजिटल भुगतान पर नेटवर्क का ग्रहण, UPI ट्रांजेक्शन हो रहे फेल

बासुकिनाथ श्रावणी मेले में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण कांवरियों को डिजिटल भुगतान में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालु नकदी पर निर्भर।

बासुकिनाथ: आदित्यनाथ पत्रलेख राजकीय श्रावणी मेला बासुकिनाथ में कांवरियों की सुविधा के लिए डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन मोबाइल नेटवर्क की कमजोर कनेक्टिविटी इसमें बड़ी बाधा बन रही है. मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गूगल पे, फोन पे सहित अन्य ऑनलाइन भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन कई जगह इंटरनेट की रफ्तार धीमी रहने से भुगतान अटक जा रहा है.

इससे कांवरियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मेले में रोजाना बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने के कारण नकदी रखना उनके लिए परेशानी का कारण बनता है. भीड़ में पैसे खोने या चोरी होने की आशंका भी बनी रहती है.

ऐसे में डिजिटल भुगतान को सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प माना जा रहा है. दुकानदार रितेश पंडा, कैलाश साह आदि ने बताया कि श्रद्धालु दुकानों, होटल, भोजनालयों और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए मोबाइल से भुगतान करने की कोशिश कर रहे हैं.

हालांकि, नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार ट्रांजेक्शन पूरा नहीं हो पाता. भुगतान के दौरान पैसा कटने या भुगतान लंबित रहने की स्थिति में श्रद्धालुओं को असमंजस का सामना करना पड़ता है.

कई इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर

बासुकिनाथ के मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मोबाइल नेटवर्क पर दबाव बढ़ जाता है. कई स्थानों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने से यूपीआई आधारित भुगतान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. फोन पे और गूगल पे के जरिए भुगतान करने के लिए श्रद्धालुओं को कई बार नेटवर्क आने का इंतजार करना पड़ता है.

इससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों का समय बर्बाद हो रहा है. कई कांवरियों का कहना है कि वे नकदी साथ रखने से बचना चाहते हैं, लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण उन्हें मजबूरी में एटीएम या नकदी के भरोसे रहना पड़ रहा है. खासकर दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह परेशानी अधिक बढ़ जाती है.

डिजिटल व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत

श्रावणी मेला में प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे में मेला क्षेत्र में निर्बाध मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराना भी जरूरी है. श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि प्रमुख मेला क्षेत्रों में नेटवर्क क्षमता बढ़ायी जाए तो डिजिटल भुगतान को और बढ़ावा मिल सकता है. इससे नकदी रखने की जरूरत कम होगी और चोरी अथवा पैसे खोने का खतरा भी घटेगा.


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By आदित्यनाथ पत्रलेख

आदित्यनाथ पत्रलेख वर्ष 2011 से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की बारीकियां सीखीं और राजनीतिक, सामाजिक तथा विकासात्मक मुद्दों पर सटीक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग की। जनहित से जुड़े विषयों पर फोकस्ड रिपोर्टिंग और तथ्यों को सत्य एवं तटस्थता के साथ प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख पहचान है।

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