सरैयाहाट में तीन माह से बंद जल मीनार, लाखों खर्च फिर भी एक बूंद पानी नहीं

सरैयाहाट में लाखों की लागत से बना जल मीनार 3 माह से बंद. लाखों खर्च, फिर भी शुद्ध पेयजल नदारद. ग्रामीण आंदोलन की राह पर.

प्रतिनिधि, सरैयाहाट. प्रखंड के दिग्घी हाट परिसर में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया जल मीनार ग्रामीणों के लिए अब तक किसी काम का साबित नहीं हुआ है. करीब तीन माह पहले जिला परिषद विभाग की ओर से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल मीनार स्थापित किया गया था, लेकिन अब तक इससे पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है.

जल मीनार बनने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या से राहत मिलेगी. लेकिन निर्माण पूरा होने के बावजूद इसे चालू नहीं किए जाने से लोगों की उम्मीदें टूट गयी हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण लाखों रुपये की लागत से बनी योजना अब महज शोपीस बनकर रह गयी है.

बनकर तैयार, लेकिन एक बूंद पानी नहीं मिला

ग्रामीणों के मुताबिक जल मीनार को बने करीब तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इससे पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई. पानी के लिए लोगों को अब भी पुराने चापाकल और दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.

अमित चौधरी ने कहा कि जल मीनार बने तीन माह हो गये, लेकिन अब तक एक बूंद पानी नहीं मिला है. ग्रामीण आज भी पुराने चापाकल और दूर के जलस्रोतों पर निर्भर हैं. योजना बनने के बावजूद इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है.

महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी

पानी की समस्या का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार उन्हें रोजमर्रा की जरूरत के लिए पानी लाने में काफी दूरी तय करनी पड़ती है. गर्मी और बरसात के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती है.

अनुज चौधरी ने कहा कि पानी के लिए रोज काफी दूर जाना पड़ता है. सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को होती है. जल मीनार बनकर भी बेकार पड़ा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है.

'योजना बनाकर छोड़ देती है सरकार'

विकास चौधरी ने कहा कि सरकार योजनाएं बनाकर उन्हें छोड़ देती है, लेकिन समय पर चालू कराने पर ध्यान नहीं दिया जाता. यदि जल मीनार समय पर चालू हो जाता तो गांव के लोगों को काफी राहत मिलती.

ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें अब भी दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब योजना का निर्माण पूरा हो चुका है तो आखिर जल मीनार को चालू करने में देरी क्यों हो रही है.

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

दिलखुश पासवान ने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार विभाग को जल मीनार के बंद रहने की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जल मीनार को चालू नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

ग्रामीणों ने जिला परिषद विभाग और संबंधित अधिकारियों से जल मीनार की स्थिति की जांच कराने और जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है.

अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद विभाग कब तक जल मीनार को चालू कराता है और लोगों को पेयजल की सुविधा मिल पाती है.

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लेखक के बारे में

By चंद्रकांत कुमार

पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रखंड स्तर पर सक्रिय हूं, जहां मैंने जमीनी मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का कार्य किया है. ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकार से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष और तथ्यपरक ढंग से प्रस्तुत करना मेरी प्राथमिकता रही है. पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और जनहित की आवाज बनने का निरंतर प्रयास है.

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