10 साल से शिक्षक का इंतजार, रानीश्वर में एक पारा शिक्षिका के भरोसे 46 बच्चों की भविष्य

रानीश्वर के मातकमबेड़ा में 10 साल से सरकारी शिक्षक का पद रिक्त. 46 बच्चों का भविष्य एक पारा शिक्षिका के भरोसे.

प्रतिनिधि, रानीश्वर : बृंदावनी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय मातकमबेड़ा में करीब दस वर्षों से सरकारी शिक्षक का पद रिक्त है. स्कूल में सरकारी शिक्षकों के दो पद सृजित हैं, लेकिन दोनों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं. वर्तमान में स्कूल का संचालन दूसरे विद्यालय की एक पारा शिक्षिका की प्रतिनियुक्ति के भरोसे चल रहा है.

2017 में शिक्षक के स्थानांतरण के बाद खाली हुआ पद

जानकारी के अनुसार मातकमबेड़ा स्कूल में पदस्थापित एक शिक्षक की पदोन्नति होने के बाद वर्ष 2017 में उनका स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में कर दिया गया था. इसके बाद से स्कूल में सरकारी शिक्षक का पद रिक्त है. स्कूल के संचालन के लिए इसी पंचायत के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बाथानबेड़ा की एक पारा शिक्षिका को यहां प्रतिनियुक्त किया गया है.

पारा शिक्षिका के बाहर जाने पर प्रभावित होती है पढ़ाई

मातकमबेड़ा स्कूल में वर्तमान में 46 बच्चों का नामांकन है. मातकमबेड़ा गांव आदिम जनजाति पहाड़िया बहुल गांव है. ग्रामीणों के अनुसार प्रतिनियुक्त पारा शिक्षिका जब विभागीय कार्य से स्कूल से बाहर जाती हैं, तो उस दिन बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो जाता है. ग्रामीणों ने विद्यालय में स्थायी सरकारी शिक्षक की पदस्थापना की मांग की है.

शिक्षक की पदस्थापना के लिए विभाग से पहल की मांग

बृंदावनी की मुखिया किरण देवी ने कहा कि मातकमबेड़ा गांव पहाड़िया बहुल है और यहां लंबे समय से शिक्षक का पद रिक्त है. फिलहाल एक पारा शिक्षिका प्रतिनियुक्ति पर हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए विद्यालय में सरकारी शिक्षक की पदस्थापना जरूरी है. इसके लिए शिक्षा विभाग को पहल करनी चाहिए.


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लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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