मसानजोर डैम के सभी फाटक बंद : खतरे के निशान से 10 फीट नीचे जलस्तर

मसानजोर डैम का जलस्तर सभी फाटक बंद होने के कारण बढ़कर 387.90 फीट हो गया है, जो खतरे के निशान से 10 फीट कम है. स्थानीय लोगों ने सिंचाई के लिए पानी रोकने की मांग की है ताकि रबी और गरमा धान की फसलों को सींचा जा सके.

रानीश्वर : मसानजोर डैम का सभी फाटक बंद कर दिये जाने से डैम का जलस्तर बढ़ कर 387.90 फीट तक पहुंच चुका है. हालांकि डैम में खतरे के निशान से जलस्तर 10 फीट नीचे है. डैम में खतरे का निशान 398 फीट पर है.

बारिश से लगातार बढ़ रहा था जलस्तर

विगत कई दिनों तक बारिश होने से डैम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था. जलस्तर नियंत्रण में रखने के लिए डैम प्रबंधन पहले डैम के दो हाई लेवल गेट खोल कर 3000 क्यूसेक पानी निकासी शुरू किया था. फिर एक ओर गेट खोल कर 4500 क्यूसेक पानी खोल दिया गया था.

सात फ्लाड गेट भी खोले गये थे

फिर भी जलस्तर बढ़ने से एक-एक कर 7 फ्लाड गेट खोला गया था. हालांकि डैम का जलस्तर 386 फीट के आसपास रहने से फ्लाड गेट पर पानी का प्रेसर कम होने से एक फ्लाड गेट से मात्र 1000 क्यूसेक पानी निकासी हो रहा था.

सिंचाई के लिए पानी स्टाक रखने की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल भारी बारिश नहीं हो रही है. इसलिए डैम में सिंचाई के लिए पानी स्टाक कर रखना चाहिए. ताकि झारखंड क्षेत्र के लिए मयुराक्षी बायांतट मुख्य नहर से पानी खोल कर किसानों को रबी व गरमा धान फसल में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सके.

पश्चिम बंगाल को भी मिल सकेगा पानी

स्थानीय लोगों के अनुसार डैम का जलस्तर ज्यादा रहने से पश्चिम बंगाल को भी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा.

एक यूनिट पन बिजली के लिए छोड़ा जा रहा पानी

फिलहाल डैम से एक यूनिट पन बिजली चलाने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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