Dumka: 8 साल बाद जगी उम्मीद, जल्द फिर से खुलेगा हंसडीहा लैम्पस

Dumka: दुमका के हंसडीहा में करीब आठ वर्षों से बंद पड़े लैम्पस को फिर से शुरू करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है. जिला सहकारिता पदाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद गोदाम की चाबी लैम्पस प्रबंधन को सौंप दी गई है, जिससे किसानों को जल्द खाद, बीज और अन्य सहकारी सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.

हंसडीहा से अनिल कुमार चौधरी
Dumka (हंसडीहा): दुमका जिले के हंसडीहा क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. पिछले करीब आठ वर्षों से बंद पड़े हंसडीहा लैम्पस (बहुउद्देशीय सहकारी समिति) के जल्द दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है. जिला सहकारिता पदाधिकारी (डीसीओ) के हस्तक्षेप के बाद इसके संचालन की दिशा में बड़ी पहल की गई है. शनिवार को हंसडीहा पंचायत सचिवालय में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 29 जून से 6 जुलाई तक आयोजित होने वाले सहकारी सप्ताह समारोह की तैयारियों को लेकर बैठक हुई. बैठक में सरैयाहाट, रामगढ़ और जरमुंडी प्रखंड के सहकारिता विभाग के अधिकारी, लैम्पस अध्यक्ष और सहायक प्रबंधक शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता जिला सहकारिता पदाधिकारी कर्मवीर मेहता ने की.

शपथ ग्रहण के बाद चलेगा सदस्यता अभियान

बैठक में सहकारी सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी गई. डीसीओ ने बताया कि 29 जून को शपथ ग्रहण के साथ अभियान की शुरुआत होगी. इसके बाद सदस्यता अभियान, पौधरोपण, जागरूकता कार्यक्रम और सहकारी समितियों को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. उन्होंने सभी अधिकारियों और लैम्पस प्रतिनिधियों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की.

किसानों को हो रहा आर्थिक नुकसान

बैठक के दौरान हंसडीहा पंचायत की मुखिया आशा हेंब्रम ने स्थानीय किसानों की सबसे बड़ी समस्या उठाई. उन्होंने बताया कि हंसडीहा लैम्पस करीब आठ साल से बंद पड़ा है. इसके कारण किसानों को धान का बीज, खाद और सहकारिता विभाग की अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. किसानों को कृषि सामग्री खरीदने के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान और काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

गोदाम की वजह से बंद हो गया था लैम्पस का काम

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी ने मौके पर ही हंसडीहा लैम्पस के प्रबंधक जालिम राय से जानकारी ली. प्रबंधक ने बताया कि पुराने लैम्पस भवन की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है और वहां काम करना सुरक्षित नहीं है. इसी कारण वर्षों पहले संस्था का संचालन बंद करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि हंसडीहा हटिया मैदान स्थित गोदाम भवन से लैम्पस का संचालन शुरू किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय से गोदाम की चाबी उपलब्ध नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था.

तत्काल सौंपी गई गोदाम की चाभी

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम की चाबी उपलब्ध कराई और उसे लैम्पस प्रबंधक को सौंप दिया. साथ ही उन्होंने जल्द से जल्द हंसडीहा लैम्पस का संचालन शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को फिर से खाद, बीज और अन्य सहकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके. डीसीओ की इस पहल के बाद बैठक में मौजूद किसानों और जनप्रतिनिधियों ने खुशी जताई. लोगों का कहना है कि यदि लैम्पस जल्द शुरू हो जाता है तो किसानों को खेती से जुड़ी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध होगी और उन्हें दूसरे क्षेत्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

बैठक में ये लोग थे मौजूद

बैठक के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी कर्मवीर मेहता और मुखिया आशा हेंब्रम ने उपस्थित लैम्पस अध्यक्षों एवं सहायक प्रबंधकों के बीच पौधों का वितरण किया. इस मौके पर रामगढ़ प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी धीरज कुमार, जरमुंडी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी गणेश वर्णवाल, सरैयाहाट प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी हरे कृष्णा देव सहित तीनों प्रखंडों के लैम्पस अध्यक्ष और सहायक प्रबंधक मौजूद रहे.

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Published by: AmleshNandan Sinha

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