आनंद जायसवाल की रिपोर्ट दुमका. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा व्यवस्था में प्रश्न-पत्र लीक, कदाचार अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता. ऐसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के मनोबल और भविष्य को प्रभावित करती हैं.
अनियमितता करती है भविष्य को प्रभावित
राज्यपाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थी लंबे समय तक मेहनत और तैयारी करते हैं. ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है. उन्होंने अपेक्षा जतायी कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली की कमियों की गहन समीक्षा कर उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगी.
युवाओं के भविष्य को गंभीरता से लेने की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है. निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था से ही मेहनत, प्रतिभा और योग्यता के आधार पर युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है. राज्यपाल ने युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास से जुड़े इस विषय को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर जोर दिया.
युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश
राज्यपाल के अभिभाषण का यह हिस्सा युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश के रूप में सामने आया. उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला है. सरकारी सेवाओं में युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं.
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अवसरों तक पहुंचने की प्रक्रिया हो पारदर्शी और निष्पक्ष
उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन अवसरों तक पहुंचने की प्रक्रिया भी पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए. प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के लिए सरकारी सेवाओं में प्रवेश का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. इसलिए परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों का विश्वास व्यवस्था में बना रहे.
शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास और जीवन में उत्कृष्टता का आधार है. इसी क्रम में उन्होंने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक तकनीक और नवीन शिक्षण विधियों के उपयोग तथा विद्यालयों में पुस्तकालय, डिजिटल उपकरण और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया.
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राज्य और देश का भविष्य युवाओं के हाथों में
राज्यपाल ने अपने संबोधन में युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि राज्य और देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है. युवाओं की ऊर्जा, तकनीक, नए विचार और कुछ नया करने का साहस विकास को नई गति दे सकता है. ऐसे में युवाओं की प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के हरसंभव अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है.
