प्रतिनिधि, बासुकिनाथ: दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए जरमुंडी में उच्च शिक्षा की राह अब और आसान होगी. सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के अंतर्गत डिग्री कॉलेज, जरमुंडी में पीएम-यूएसएचए के तहत नवनिर्मित बालिका छात्रावास भवन का हैंडओवर कर दिया गया है. छात्रावास के शुरू होने से बाहर से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित आवास की सुविधा मिलेगी.
इससे रोजाना लंबी दूरी तय कर कॉलेज पहुंचने वाली छात्राओं को आवागमन की परेशानी से राहत मिलेगी. साथ ही उन्हें नियमित रूप से कॉलेज आने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का बेहतर अवसर मिलेगा.
सुदूर गांवों की छात्राओं को मिलेगा सीधा लाभ
कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य निरंजन कुमार मंडल ने बताया कि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना कॉलेज प्रशासन की प्राथमिकता है. छात्रावास का हैंडओवर इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा. आवासीय सुविधा उपलब्ध होने के बाद छात्राओं को रोजाना लंबी दूरी तय करने और आने-जाने की परेशानियों से राहत मिलेगी.
पढ़ाई पर बेहतर तरीके से दे सकेंगी ध्यान
कॉलेज प्रशासन के अनुसार छात्रावास की सुविधा मिलने से छात्राएं नियमित रूप से कॉलेज आ सकेंगी और अपनी पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगी. आर्थिक और भौगोलिक कारणों से उच्च शिक्षा जारी रखने में कठिनाई झेलने वाली छात्राओं के लिए यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने की बात कॉलेज प्रशासन की ओर से कही गयी है.
हैंडओवर से पहले हुआ भवन का भौतिक निरीक्षण
नवनिर्मित छात्रावास भवन का हैंडओवर करने से पहले समिति की ओर से उसका भौतिक निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण कार्यों के साथ उपलब्ध सामग्री, उपकरण और अन्य वस्तुओं का भौतिक सत्यापन किया गया.
निरीक्षण में निर्माण से जुड़े सभी कार्य पूर्ण और संतोषजनक पाये गये. उपलब्ध सामग्री भी निर्धारित सूची के अनुरूप मिली. इसके बाद समिति के सदस्यों ने छात्रावास भवन के निर्माण कार्य और उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष जताया.
बालिका शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि छात्रावास शुरू होने से डिग्री कॉलेज की आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा. साथ ही जरमुंडी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा और उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा.
दूर-दराज के इलाकों की छात्राओं के लिए सुरक्षित आवास की सुविधा उपलब्ध होने से कॉलेज तक उनकी पहुंच आसान होगी. इससे आर्थिक और भौगोलिक बाधाओं के कारण पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में कमी लाने में भी मदद मिल सकती है.
