प्रतिनिधि, दुमका. दुमका एसपी कॉलेज के अंतर्गत आदिवासी कल्याण छात्रावास संख्या-5 में रहने वाले करीब 250 छात्र जर्जर भवन में रहने को मजबूर हैं. वर्ष 1984 में निर्मित इस छात्रावास की छत और दीवारों का प्लास्टर जगह-जगह झड़ रहा है. बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है, जिससे छात्रों को हमेशा हादसे का डर सताता रहता है. छात्रों का कहना है कि जर्जर भवन और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है.
14 में सिर्फ पांच शौचालय चालू, 250 छात्रों के लिए नौ बाथरूम
छात्रावास के छात्रनायक दरबारी हेंब्रम ने बताया कि छात्रावास में कुल 14 शौचालय हैं, लेकिन इनमें केवल पांच ही उपयोग के लायक हैं. बाकी शौचालय खराब हो चुके हैं. वहीं 250 छात्रों के लिए महज नौ बाथरूम उपलब्ध हैं, जिससे नहाने और दैनिक कार्यों के लिए छात्रों को काफी परेशानी होती है.
पेयजल संकट गहराया, खराब पड़ी हैं वाटर फिल्टर मशीनें
सहायक छात्रनायक रंजीत मुर्मू ने बताया कि छात्रावास में रहने वाले सैकड़ों छात्रों के सामने पेयजल और दैनिक उपयोग के पानी का संकट बना हुआ है. छात्रावास में पर्याप्त बोरिंग नहीं है और सप्लाई का पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है. वाटर फिल्टर मशीनें लगी हैं, लेकिन सभी खराब पड़ी हैं.
रसोईघर की जमीन धंसी, खाना बनाने में भी खतरा
छात्र भीमसेंट सोरेन ने बताया कि रसोईघर पूरी तरह जर्जर हो चुका है. रसोईघर की जमीन धंसने के कारण रसोइया को खाना बनाने में परेशानी होती है. छात्रों का कहना है कि जहां भोजन तैयार होता है, वहीं हादसे का खतरा बना हुआ है.
कंप्यूटर से लेकर झाड़ू तक की कमी
छात्र ईश्वर हेंब्रम ने बताया कि छात्रावास में कंप्यूटर की आवश्यकता है, ताकि विद्यार्थियों को विभिन्न प्रपत्र भरने में सुविधा हो सके. उन्होंने कहा कि दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्री भी विभाग की ओर से नियमित रूप से उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. इनमें झाड़ू, कुर्सी, टेबल, डाइनिंग टेबल और खेल सामग्री शामिल हैं.
बार-बार आवेदन के बाद भी सिर्फ आश्वासन
छात्र नेता डॉ. श्याम देव हेंब्रम ने कहा कि पानी की समस्या को लेकर कई बार आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला. परीक्षा नजदीक होने के कारण सुविधाओं के अभाव में छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.
छात्रों ने जिला कल्याण पदाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर नई मोटर लगवाने और बोरिंग कराने की मांग की है. छात्रों का कहना है कि पेयजल व्यवस्था दुरुस्त होने के साथ छात्रावास भवन की मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं, ताकि 250 छात्रों को राहत मिल सके.
