संवाददाता, दुमका: डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, दुमका में अब वर्ग 6 और 9 में छात्राओं का भी प्रवेश लिया जाएगा. विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की बैठक में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया. इससे छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर शैक्षणिक माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा.
विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) और विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की बैठक आयोजित की गयी. इसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, विषयवार प्रदर्शन, अनुशासन, अभिभावकों की सहभागिता और विद्यालय के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
बैठक की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य महेंद्र राजहंस ने की. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में विद्यालय के साथ अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है. अभिभावक बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और अनुशासन पर नियमित नजर रखें तथा विद्यालय के शिक्षकों के संपर्क में रहें.
पीटीएम में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष जोर दिया गया. अभिभावकों को बताया गया कि विद्यार्थियों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. बिना आवश्यक कारण बच्चों को विद्यालय से अनुपस्थित नहीं रखने की अपील की गयी. नियमित उपस्थिति से विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण, अभ्यास, गतिविधियों और मूल्यांकन का पूरा लाभ मिलता है.
हर विषय में उत्तीर्ण कराने पर जोर
बैठक में विद्यार्थियों के विषयवार शैक्षणिक प्रदर्शन की समीक्षा की गयी. शिक्षकों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई की स्थिति से अवगत कराया. जिन विषयों में विद्यार्थी कमजोर हैं, उन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी.
विद्यालय की ओर से प्रत्येक विद्यार्थी को सभी विषयों में आवश्यक तैयारी कराने और विषयवार उत्तीर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग देने तथा उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने पर भी चर्चा हुई.
पीटीएम में वर्ग शिक्षकों ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति, उपस्थिति, अनुशासन और विषयवार उपलब्धियों की जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की. वर्ग शिक्षक जयंत स्नेही, विक्रम कुमार, सुनंदा, काजल किरण, अर्चना और सुशीला सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे.
छात्राओं को मिलेगा समान शैक्षणिक अवसर
पीटीएम के बाद हुई एसएमसी की बैठक में विद्यालय के शैक्षणिक विकास और विद्यार्थियों के हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में वर्ग 6 और 9 में छात्राओं के प्रवेश का निर्णय लिया गया.
एसएमसी सदस्यों ने कहा कि बालिकाओं को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा विकसित करने के समान अवसर मिलना चाहिए. डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में छात्राओं के प्रवेश का निर्णय बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. इससे बालक और बालिकाओं दोनों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ने का अवसर मिलेगा.
विद्यालय के समग्र विकास पर चर्चा
एसएमसी की बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता के अलावा विद्यालय में अनुशासन, नियमित उपस्थिति, अभिभावकों की सहभागिता, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और विद्यालय के समग्र विकास पर भी चर्चा हुई.
बैठक में कहा गया कि विद्यालय केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम होना चाहिए. इसके लिए शिक्षक, अभिभावक और विद्यालय प्रबंधन समिति के बीच निरंतर संवाद और समन्वय जरूरी है.
बैठक का संचालन वरीय शिक्षक श्रीनिवास रजक ने किया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों को एक टीम के रूप में काम करना होगा. नियमित उपस्थिति, विषयवार तैयारी, अनुशासन और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता विद्यार्थियों की सफलता के प्रमुख आधार हैं. उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्राओं को समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना समय की जरूरत है.
बैठक के दौरान अभिभावकों और एसएमसी सदस्यों ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दिये. विद्यालय प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों के हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गयी.
