प्रतिनिधि, रानीश्वर : अगस्त का महीना खत्म होने को है, लेकिन दिगलपहाड़ी डैम अब भी पूरी तरह नहीं भर पाया है. पर्याप्त बारिश नहीं होने से डैम का जलस्तर काफी नीचे है. इससे धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गयी है. प्रखंड के अन्य डैमों में भी अपेक्षाकृत कम पानी है.
नहर के गेट से थोड़ा ऊपर है जलस्तर
दिगलपहाड़ी डैम का जलस्तर फिलहाल नहर के गेट से थोड़ा ऊपर है. डैम के दायांतट और बायांतट, दोनों ओर से नहर निकाली गयी है. बायांतट नहर से सिउलीबोना के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलती है. वहीं दायांतट नहर से चापुड़िया और आसनबनी के कुछ इलाकों में पानी पहुंचता है.
झाड़ियों ने रोका नहर का रास्ता
दायांतट नहर को तिलाबनी तक पहुंचाया गया है, लेकिन आसनबनी से आगे नहर में झाड़ी-जंगल उग आने के कारण पानी तिलाबनी तक नहीं पहुंच पा रहा है. ऐसे में डैम में कम पानी और नहर की बदहाल स्थिति ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है.
बारिश के भरोसे अच्छी हुई धान की रोपनी
आसनबनी के किसान प्रदीप मंडल ने बताया कि इस वर्ष धान की रोपनी अच्छी हुई है. अब तक बारिश के भरोसे खेती ठीक चल रही है. लेकिन आगे बारिश नहीं हुई तो फसल को सिंचाई की जरूरत पड़ेगी. ऐसी स्थिति में डैम का पानी धान की फसल के लिए सहारा बन सकता है.
उन्होंने कहा कि अगस्त के अंत तक डैम का पूरी तरह नहीं भरना चिंता का विषय है. यदि आगे भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो किसानों के सामने धान की फसल बचाने का संकट खड़ा हो सकता है.
