बासुकिनाथ: राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के दसवें दिन शनिवार को बासुकिनाथ धाम स्थित बाबा फौजदारीनाथ मंदिर में कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से ही मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट और मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं से भरा रहा. सरकारी पूजा के बाद गर्भगृह का पट श्रद्धालुओं के लिए खोला गया और भीड़ को देखते हुए अरघा की व्यवस्था की गयी.
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, 92,437 कांवरियों ने अरघा के माध्यम से जलार्पण किया. श्रद्धालुओं की कतार संस्कार मंडप, फलाहारी धर्मशाला, शिवगंगा और कुशवाहा धर्मशाला तक रही. पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भीड़ और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया. मंदिर के समीप स्थित जलार्पण काउंटर पर 22,404 श्रद्धालुओं ने जल अर्पित किया.
यहां से जल पाइप के माध्यम से सीधे गर्भगृह में शिवलिंग पर पहुंचता है. वहीं, शनिवार को मंदिर न्यास पर्षद को विभिन्न स्रोतों से 24 लाख 04 हजार 373 रुपये की आमदनी हुई. इसमें दानपेटी से 2,60,500 रुपये, गर्भगृह गोलक से 35,400 रुपये और अन्य स्रोतों से 19,473 रुपये प्राप्त हुए. शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के तहत 4,178 श्रद्धालुओं ने विशेष सुविधा का लाभ उठाकर जलार्पण किया.
इससे मंदिर न्यास को 20 लाख 89 हजार रुपये की आय हुई. इसके लिए 500 रुपये का कूपन निर्धारित है. श्रद्धालुओं ने शीघ्रदर्शनम की बेहतर व्यवस्था पर संतोष जताया. श्रावणी मेला में दिल्ली कांवर मंडली के दर्जनों सदस्यों ने भी बाबा फौजदारीनाथ का जलार्पण किया और भव्य आरती की.
मंडली के सदस्यों ने बताया कि वे कई वर्षों से सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा को अर्पित करते आ रहे हैं. जलार्पण के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी मनायी. पूरे दिन बासुकिनाथ धाम बाबा के जयकारों और भक्ति भाव से शिवमय बना रहा.
