तीन दशक पुराना महेषबाथान हटिया शेड हुआ जर्जर, बांस-पुआल के सहारे दुकान लगाने को मजबूर दुकानदार

तीन दशक पुराने महेषबाथान हटिया के शेड जर्जर, दुकानदार बांस-पुआल के सहारे.नया निर्माण की मांग, यात्रियों को भी मिलेगी सुविधा.

प्रतिनिधि, रानीश्वर. महेषबाथान हटिया परिसर में करीब तीन दशक पहले बनाये गये शेड अब जर्जर हो चुके हैं. अधिकांश शेड धराशायी हो गये हैं, जबकि जो कुछ शेड बचे हैं, वे भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं. इससे साप्ताहिक हटिया में दुकान लगाने वाले दुकानदारों के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से हटिया परिसर में नये सिरे से शेड निर्माण कराने की मांग की है.

बांस-पुआल के सहारे दुकान लगाने की मजबूरी

महेषबाथान में प्रत्येक बुधवार को साप्ताहिक हटिया लगता है. इसमें स्थानीय लोगों के अलावा पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. हटिया परिसर में करीब तीन दशक पहले बाजार समिति की ओर से दुकानदारों के लिए शेड का निर्माण कराया गया था. मवेशियों के लिए भी शेड बनाया गया था. देखरेख और मरम्मत के अभाव में अधिकांश शेड अब जर्जर होकर धराशायी हो चुके हैं.

हटिया के दिन दुकान लगाने के लिए स्थानीय दुकानदारों ने खुद बांस के खंभे और पुआल की छावनी लगाकर अस्थायी शेड तैयार कर लिये हैं. इससे उन्हें बारिश और धूप से बचाव की सीमित सुविधा मिल पाती है.

बारिश में क्षतिग्रस्त शेड ही सहारा

हटिया परिसर में एक-दो शेड अब भी बचे हैं, लेकिन वे भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं. बारिश होने पर लोग इन्हीं शेड के नीचे शरण लेते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पूरे परिसर में नये और सुरक्षित शेड का निर्माण होने से दुकानदारों और हटिया में आने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी.

पर्यटक और कांवरिया वाहन भी रुकते हैं

हटिया परिसर में खाली मैदान होने के कारण कोलकाता की ओर जाने वाले पर्यटन वाहन और कांवरिया वाहन भी कुछ देर के लिए यहां रुकते हैं. कई लोग परिसर में भोजन बनाने के साथ विश्राम भी करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि नये शेड बनने से ऐसे यात्रियों को भी सुविधा मिल सकती है.

ग्रामीण बाच्चु मंडल ने बताया कि हटिया परिसर में नये सिरे से शेड का निर्माण होने से हटिया के दिन दुकानदारों और स्थानीय लोगों की परेशानी दूर होगी. बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी रुकने और भोजन बनाने में सुविधा मिलेगी. गांव में किसी कार्यक्रम के आयोजन के दौरान ग्रामीण भी इन शेड का उपयोग कर सकेंगे. उन्होंने जिला प्रशासन से इस दिशा में पहल करने की मांग की.

सड़क भी मरम्मत के इंतजार में

ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन दशक पहले बाजार समिति की ओर से हटिया परिसर में शेड निर्माण के अलावा दुमका-सिउड़ी मुख्य सड़क के महेषबाथान मोड़ से गांव के अंदर होते हुए मयुराक्षी नदी किनारे तक पक्की सड़क का निर्माण भी कराया गया था. मरम्मत के अभाव में यह सड़क भी अब जर्जर हो चुकी है. ग्रामीणों ने शेड के साथ सड़क की भी मरम्मत कराने की मांग की है.

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लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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