दुमका : नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत जिले में विकास योजनाओं और विभिन्न सूचकांकों की प्रगति की शुक्रवार को समीक्षा की गयी. उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, आधारभूत संरचना, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध हुई प्रगति की जानकारी ली गयी. बैठक में संबंधित विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया.
लंबित योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत चिन्हित क्षेत्रों में बेहतर परिणाम के लिए योजनाओं की लगातार निगरानी जरूरी है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया. साथ ही प्रगतिशील योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को चिह्नित कर उनका शीघ्र समाधान करने को कहा.
उन्होंने पूर्ण हो चुकी योजनाओं और परियोजनाओं की उपयोगिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आम लोगों तक पहुंच सके. विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की देरी होने पर समन्वय स्थापित कर उसका समाधान करने का निर्देश दिया गया.
स्वास्थ्य व शिक्षा समेत सभी क्षेत्रों पर नजर
बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में चल रही योजनाओं की स्थिति, शिक्षा से जुड़े विकास संकेतकों, कृषि एवं जल संसाधन से संबंधित कार्यों तथा जिले में आधारभूत संरचना के विकास की प्रगति पर चर्चा हुई. इसके अलावा वित्तीय समावेशन और कौशल विकास से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गयी.
उपायुक्त ने विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने और आपसी समन्वय बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से योजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ायी जा सकती है और विकास सूचकांकों में अपेक्षित सुधार लाया जा सकता है.
डेटा की सटीकता पर विशेष ध्यान
बैठक में विकास योजनाओं से संबंधित आंकड़ों की सटीकता और समय पर रिपोर्टिंग को भी महत्वपूर्ण बताया गया. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय स्तर पर उपलब्ध कराये जाने वाले आंकड़ों और प्रगति रिपोर्ट की अच्छी तरह जांच कर समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें. सही और अद्यतन आंकड़ों के आधार पर ही जिले की वास्तविक प्रगति का आकलन संभव है.
उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्य आधारित तरीके से कार्य करते हुए नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने को कहा, ताकि नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के विभिन्न विकास सूचकांकों में दुमका का प्रदर्शन बेहतर हो सके.
