दुमका से आनंद जायसवाल
Dumka: उपराजधानी दुमका रेलवे स्टेशन परिसर में संचालित कोयला डंपिंग यार्ड को ईस्टर्न रेलवे द्वारा दूसरी जगह शिफ्ट करने के फैसले के बाद रसिकपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है. सोमवार को आंदोलनकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता रविशंकर मंडल के नेतृत्व में जमकर आतिशबाजी की और लोगों के बीच मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया. रविशंकर मंडल ने कहा कि कोयला डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग को लेकर पिछले पांच वर्षों से लगातार आंदोलन चलाया जा रहा था. इस दौरान प्रत्येक रविवार को धरना-प्रदर्शन किया गया, विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन सौंपे गये और मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक भी ले जाया गया.
पांच साल से लगातार होता रहा आंदोलन
आंदोलन के दौरान कई कार्यकर्ताओं पर मामले भी दर्ज किये गये, लेकिन जनहित की इस लड़ाई से कोई पीछे नहीं हटा. मंडल ने कहा कि रेलवे स्टेशन के समीप स्थित कोयला यार्ड से निकलने वाली धूल और प्रदूषण के कारण आसपास के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा था. कोयले की उड़ती धूल से लोग श्वास संबंधी बीमारियों सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. लगातार जनदबाव और आंदोलन का ही परिणाम है कि ईस्टर्न रेलवे ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कोयला यार्ड को यहां से हटाने का निर्णय लिया.
यह पूरी दुमका शहर की जीत
मंडल ने कहा कि यह केवल आंदोलनकारियों की नहीं, बल्कि पूरे दुमका शहर की जीत है. उन्होंने ईस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देवस्कर, भारत सरकार के रेल मंत्री, कोयला मंत्री तथा जामा विधानसभा की पूर्व विधायक और भाजपा नेत्री सीता सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और पहल से वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है.
ये लोग थे मौजूद
मौके पर विष्णु यादव, संजय मंडल, अभय गुप्ता, गोवर्धन मंडल, जिमी यादव, मिकू यादव, मंजू गुप्ता, हेमंत श्रीवास्तव, मनोज कुमार, जगरनाथ पंडित, नित्यानंद कुमार, डॉ बी मरांडी, आशीष नायक, डिस्को मंडल, आकाश कुमार, प्रदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे.
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