बासुकिनाथ:राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के 17वें दिन शनिवार को बाबा फौजदारीनाथ की नगरी पूरी तरह शिवमय नजर आयी. सावन की भक्ति का अद्भुत संगम बासुकिनाथ धाम में चहुंओर देखने को मिला. भोर तीन बजे से ही मंदिर प्रांगण में कांवरियों की भीड़ उमड़ने लगी. गर्भगृह में पुरोहित पूजा संपन्न होने के बाद कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया गया. इसके साथ ही बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण का सिलसिला शुरू हो गया.पूरा मेला क्षेत्र और रूटलाइन केसरिया रंग से सराबोर नजर आया. कंधे पर कांवर लिये श्रद्धालु बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष करते हुए बाबा के दरबार की ओर बढ़ते रहे.
सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान नागेश के स्वरूप बाबा फौजदारीनाथ का जलाभिषेक करने लगे. गर्भगृह में अरघा के माध्यम से जलार्पण करते श्रद्धालुओं की लंबी कतार आस्था और अनुशासन का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही थी.
संस्कार मंडप से शिवगंगा घाट तक लगी कतार
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के कारण कांवरियों की कतार संस्कार मंडप होते हुए क्यू कॉम्पलेक्स, शिवगंगा घाट और कुशवाहा धर्मशाला तक पहुंच गयी. महिला और पुरुष कांवरियों को अलग-अलग कतार में व्यवस्थित करते हुए मंदिर गर्भगृह तक पहुंचाया गया. घंटों कतार में खड़े रहने के बाद बाबा के दरबार में पहुंचते ही श्रद्धालुओं के चेहरे पर आत्मिक संतोष दिखाई दिया. भक्तों ने अरघा में गंगाजल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की.
जयकारों से गूंजता रहा बाबा का दरबार
मंदिर परिसर लगातार बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा. शिवगंगा घाट और मेला परिसर कांवरियों से पटा रहा. श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में नाचते-गाते बाबा भोलेनाथ की आरती की. भक्ति में डूबे कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. किसी के हाथ में कांवर था तो किसी के हाथ में पूजा की थाली. हर चेहरे पर बाबा के प्रति आस्था और हर जुबां पर भोलेनाथ का नाम था.
काउंटर से भी श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जलार्पण काउंटर की व्यवस्था भी की गयी है. कांवरियों ने एलईडी स्क्रीन पर भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का दर्शन किया और काउंटर पर गंगाजल अर्पित किया. काउंटर पर चढ़ाया गया गंगाजल पाइपलाइन के माध्यम से सीधे बाबा फौजदारीनाथ के शिवलिंग तक पहुंचता है. इससे श्रद्धालुओं को लंबी कतार में लगे बिना बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करने का अवसर मिला.सावन के इस पावन अवसर पर बासुकिनाथ धाम में आस्था का सैलाब मानो शिव की भक्ति में विलीन होता नजर आया. केसरिया रंग में रंगी रूटलाइन, गूंजते बोल बम के जयकारे और बाबा के दरबार में झुकते हजारों शीशों ने पूरे धाम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. हर कांवरिये के मन में एक ही भाव था - बाबा फौजदारीनाथ की कृपा से जीवन में सुख, शांति और मंगल बना रहे.
