बासुकिनाथ.राजकीय श्रावणी मेला के 16वें दिन शुक्रवार को बासुकिनाथ धाम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. देश के विभिन्न हिस्सों से कठिन यात्रा पूरी कर पहुंचे कांवरियों की आस्था चरम पर नजर आयी. गंगाजल से भरे कांवर और जलपात्र लेकर पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में अरघा के माध्यम से जलार्पण कर सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति की कामना की. पूरे धाम में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा. सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. मान्यता है कि सावन में भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसी आस्था और विश्वास के साथ दूर-दराज से श्रद्धालु बासुकिनाथ धाम पहुंच रहे हैं. कई कांवरिये लंबी दूरी की पदयात्रा पूरी कर बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में पहुंच रहे हैं.
अरघा के माध्यम से कांवरियों ने किया जलार्पण
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में प्रशासन की ओर से अरघा की व्यवस्था की गयी है. कांवरिये अरघा के माध्यम से बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण कर रहे हैं. लंबी कतारों में अनुशासन के साथ आगे बढ़ते श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान के बावजूद बाबा के दर्शन की खुशी साफ दिखाई दे रही है. कई श्रद्धालु रातभर की यात्रा के बाद सुबह मंदिर पहुंचे और अपनी बारी का इंतजार करते हुए शिव आराधना में लीन नजर आये. बाबा के दरबार में पहुंचते ही श्रद्धालुओं को मानो यात्रा की सारी थकान भूल जाती है. सावन के पवित्र महीने में बासुकिनाथ धाम केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है.
जलार्पण का दृश्य करा रहा सावन की आध्यात्मिक शक्ति का एहसास
मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार, घंटा-घड़ियाल और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच जलार्पण का दृश्य सावन की आध्यात्मिक शक्ति का एहसास करा रहा है. गंगाजल, केसरिया वस्त्र और शिवभक्ति से सजा पूरा बासुकिनाथ धाम श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया. श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को लेकर जिला प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किये गये हैं. सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ चिकित्सा सुविधा, पेयजल, शौचालय, खोया-पाया केंद्र और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है. व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना में सुविधा मिल रही है.
श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहा स्थानीय बाजार
आस्था के साथ बासुकिनाथ का स्थानीय बाजार भी श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहा. दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद, पेड़ा, पूजा सामग्री एवं अन्य सामान की खरीदारी की. कई भक्तों ने धाम की यादों को कैमरे में कैद किया और बाबा फौजदारीनाथ का आशीर्वाद लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए. बाबा फौजदारीनाथ के दरबार से विदा होते समय श्रद्धालुओं के मन में एक ही भाव नजर आया-बाबा का आशीर्वाद जीवन में बना रहे और अगले सावन फिर उनकी पावन नगरी में आने का अवसर मिले.
