प्रतिनिधि, बासुकिनाथ.राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के 26वें दिन श्रावण शुक्ल द्वादशी सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में आस्था का महासैलाब उमड़ पड़ा. हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा है. भक्ति, आस्था और श्रद्धा के अद्भुत संगम के बीच ऐसा लग रहा है मानो फौजदारी बाबा की नगरी में स्वयं शिवलोक उतर आया हो.अहले रात डेढ़ बजे बाबा फौजदारीनाथ मंदिर का पट खोला गया. इसके बाद गर्भगृह में पुरोहितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की गई. पूजा के उपरांत कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू हुआ. रात दो बजे से ही मंदिर प्रांगण और मेला क्षेत्र में कांवरियों की भीड़ जुटने लगी थी. सुबह होते-होते शिवगंगा घाट से लेकर मंदिर परिसर तक हर तरफ केसरिया रंग दिखाई देने लगा.
कतारबद्ध कांवरिया ने गर्भगृह अरघा से किया जलार्पण
कांवरिया श्रद्धालु कतारबद्ध होकर गर्भगृह के गेट पर लगाए गए अरघा में गंगाजल अर्पित कर भगवान नागेश का जलाभिषेक कर रहे थे. शिवगंगा घाट और मेला परिसर कांवरियों से पूरी तरह पटा रहा. श्रद्धालुओं की कतार संस्कार मंडप से होते हुए क्यू कॉम्प्लेक्स, शिवगंगा कांवरिया शेड, कुशवाहा धर्मशाला और तारा मंदिर चौक तक पहुंची.अंतिम सोमवारी पर बड़ी संख्या में डाक बम भी बाबा के दरबार में पहुंचते रहे. मंदिर परिसर में भक्त नाचते-गाते भोलेनाथ की आराधना और आरती करते नजर आए. चारों ओर गूंजते बोल बम के जयकारों ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया.
जलार्पण काउंटर से भी चढ़ाया गंगाजल
लंबी कतार में नहीं लगना चाहने वाले श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण काउंटर की व्यवस्था की गई है. कांवरियों ने काउंटर पर गंगाजल अर्पित कर बाबा का जलाभिषेक किया. काउंटर के सामने लगी एलईडी स्क्रीन पर गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग का दर्शन करते हुए श्रद्धालु जल चढ़ाते रहे. काउंटर में डाला गया गंगाजल पाइपलाइन के माध्यम से सीधे बाबा फौजदारीनाथ के शिवलिंग पर पहुंचता रहा. वहीं, शीघ्रदर्शनम का टोकन लेने वाले कांवरिया वीआईपी गेट से मंदिर परिसर में प्रवेश कर बाबा का दर्शन-पूजन और जलार्पण करते रहे. अंतिम सोमवारी पर बाबा के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने बासुकिनाथ को पूरी तरह भक्ति और अध्यात्म की नगरी में बदल दिया.
