10 साल से पानी नहीं, जलमीनार भी अब पूछ रही- मुझ पर क्यों बर्बाद किये 21 लाख रुपये?

रानीश्वर में 21 लाख की लागत से बनी जलमीनार 10 साल से चालू नहीं हुई है. आसनबनी पीएचसी परिसर में बनी यह जलमीनार सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई है. बिजली कनेक्शन के अभाव में पीएचसी और ग्रामीण प्यासे हैं.

रानीश्वर : रानीश्वर के पीएचसी परिसर आसनबनी में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से करीब 10 साल पहले बनायी गयी जलमीनार शोभा की वस्तु बनी हुई है. जलमीनार निर्माण के बाद से इसे चालू नहीं किया गया है. इसके लिए विभाग की ओर से भी पहल नहीं की गयी है.

21 लाख की लागत से हुआ था निर्माण

जानकारी के अनुसार करीब 21 लाख रुपये की लागत से पीएचसी परिसर में डीप बोरिंग कर जलमीनार का निर्माण कराया गया था. लेकिन जलमीनार से जलापूर्ति के लिए बिजली कनेक्शन नहीं किये जाने के कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है.

PHC और ग्रामीणों को मिलता लाभ

ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार से जलापूर्ति शुरू होने से पीएचसी को पानी मिलने के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिलता.

ट्रांसफार्मर भी लगाया गया

बिजली कनेक्शन के लिए जलमीनार के पास ट्रांसफार्मर भी लगाया गया है. वहीं पीएचसी के सामने सड़क किनारे बिजली की लाइन भी मौजूद है. स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से पहल किये जाने पर जलमीनार से जलापूर्ति शुरू हो सकती है.

राशि खर्च, फिर भी नहीं मिला लाभ

विभाग की ओर से बड़ी राशि खर्च कर जलमीनार का निर्माण कराया गया, लेकिन इसका लाभ न तो ग्रामीणों को मिल रहा है और न ही पीएचसी को.

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लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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