कहा, देश सवोंपरि, सुरक्षा के मसले पर झामुमो केंद्र सरकार के साथ
भाजपा की गलत नीतियाें के कारण देश में बढ़ा आतंकवाद व उग्रवाद
राज्य सरकार पर भी संताल में आपसी सौहार्द बिगाड़ने का लगाया आरोप
सिदो कान्हू के वंशजों से मिलेेंगे नेता प्रतिपक्ष, लेंगे मामले की पूरी जानकारी
राज्यपाल को करायेंगे मामले से अवगत
दुमका : नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद सेना के 18 जवानों की शहादत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के मसले पर अब पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है. श्री सोरेन ने दुमका के खिजुरिया स्थित आवास में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव के दौरान पाकिस्तान समर्थित आंतकवादियों द्वारा सेना के जवानों पर हमले के खिलाफ बोलने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार आंतकी हमले को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है.
चुनाव के दौरान 56 इंच का सीना दिखाने वाले प्रधानमंत्री 16 ईंच के सीना वाले प्रधानमंत्री की तरह कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश सवोंपरि है इसलिए सुरक्षा के मसले पर उनकी पार्टी केन्द्र सरकार के साथ है. केन्द्र सरकार को आंतकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बिना देरी किये आंतकियों को मुंहतोड़ जवाब देने का फैसला लेना चाहिए. श्री सोरेन ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार की गलत नीतियां के कारण पिछले 2-3 सालों में देश और राज्य में आतंकवाद और उग्रवाद की घटनाओं में वृद्धि हुई है. कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है.
संतालपरगना के शांतिपूर्ण माहौल का बिगाड़ने का प्रयास हो रहा है. पहले बिरसा भगवान की कड़ी गायब किया जाना, फिर भोगनाडीह में संताल हुल के महानायक अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा को तोड़ना और उनके वंशजों के साथ मारपीट कर उन्हें अपमानित करने की घटना महापुरुषों का अपमान है.
यह घटना भाजपा के राज्य के विभिन्न इलाकों में आपसी सौहार्द बिगाड़ने के साजिश की कड़ी है. उन्होंने कहा कि वे भोगनाडीह जाकर अमर शहीद सिदो-कान्हू के वंशजों से मिलकर मामले की जानकारी लेंगे और महापुरुषों के धरोहर की रक्षा के लिए राज्यपाल को स्थिति से अवगत करायेंगे. साथ ही राज्य सरकार के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह करेंगे. इस पर भी सरकार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुए तो उनकी पार्टी राष्ट्रपति से मिलकर भी कार्रवाई की गुहार लगायेगी.
श्री सोरेन ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास झूठा बयान देकर जंल, जंगल और जमीन के मसले पर आदिवासियों और मूलवासियों को ठग रहे हैं. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री एक ओर राज्य की जनता को यहां के मूल कानून सीएनटी और एसपीटी एक्ट में किसी तरह का संशोधन नहीं किये जाने की घोषणा करते हैं,
वहीं अध्यादेश के माध्यम से दोनों एक्ट में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव राज्यपाल और राष्ट्रपति को भेजकर अडाणी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों को औन-पौने भाव में जमीन देने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं. वहीं उन्होंने राज्य की लगभग 350 औद्योगिक इकाइयाें के बंद होने को लेकर सरकार द्वारा किसी प्रकार के कदम नहीं उठाने पर सवाल उठाया है. मौके पर झामुमो जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह, नगर अध्यक्ष रवि यादव, जिला सचिव शिव कुमार बास्की मौजूद थे.
