गांव में नहीं बना शौचालय, लोग खुले में शौच जाने को मजबूर
दलाही : मसलिया को खुले में शौच मुक्त प्रखंड बनाने की होड़ लगी है, लेकिन आमगाछी पंचायत के धौबना गांव के ग्रामीणों को एक भी शौचालय किसी भी विभाग ने उपलब्ध नहीं कराया है. स्वच्छ भारत मिशन के सूची में भी एक भी ग्रामीण का नाम उल्लेख नहीं, वहीं स्लिप बैक सूची में भी किसी व्यक्ति का नाम नहीं है. लोग मजबूरन खुले में शौच जाते हैं.
इस गांव में करीब 117 परिवार निवास करते हैं. जिसमें आदिम जनजाति, मोहली, संताल एवं ओबीसी समुदाय के लोग हैं. गांव में कई बार ग्रामसभा कर जरूरतमंदों की सूची शौचालय के लिए भेजी गयी है, लेकिन इस पर अभी तक कोई पहल किसी भी विभाग ने नहीं किया है. वहीं प्रखंड के पदाधिकारियों की ओर से यह बराबर आश्वासन मिलता है कि जल्द ही ग्रामसभा से आयी सूची पर पहल
की जायेगी.
घर में शौचालय नहीं है. मजबूरन खुले में शौच जाना पड़ता है. हम सक्षम नहीं हैं कि शौचालय अपने से बना पायें. खुले में शौच जाने से शर्मिंदगी महसूस होती है. सरकार को अविलंब शौचालय उपलब्ध कराना चाहिए.
सुरजमुनी बेसरा, छात्रा
