खुले आसमान में बच्चों संग रहने को मजबूर है विधवा

रानीश्वर : सदर प्रखंड के धाजापाड़ा के आदिम जनजाति पहाड़िया परिवार के विधवा पानवती अपने दो बच्चों के साथ एक सप्ताह से खुले आसमान के नीचे रहने काे विवश हैं. 10 अप्रैल को मसानजोर ढलान पर तेज गति से उतरने वक्त बालू लदे एक ट्रक धाजापाड़ा के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानवती पुजहर के […]

रानीश्वर : सदर प्रखंड के धाजापाड़ा के आदिम जनजाति पहाड़िया परिवार के विधवा पानवती अपने दो बच्चों के साथ एक सप्ताह से खुले आसमान के नीचे रहने काे विवश हैं. 10 अप्रैल को मसानजोर ढलान पर तेज गति से उतरने वक्त बालू लदे एक ट्रक धाजापाड़ा के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानवती पुजहर के घर को तोड़ते हुए पलट गया था. दुर्घटना में धाजापाड़ा के एक छह वर्षीय पंकज पुजहर व ट्रक के चालक का ट्रक के नीचे मलबे में दब जाने से मौत हो गयी थी.

जबकि दुर्घटना में पंकज पुजहर के भाई व खलासी घायल हो गया था. ट्रक के पलट जाने से पानवती पुजहर का घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है तथा उनके घर का सामान भी नष्ट हो गया है. दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा सड़क जाम कर मुआवजा की मांग की गयी थी. जिसके एवज में बीडीओ और पुलिस अधिकारी पहुंच कर मृतक पंकज के परिजन को ही दस हजार रुपये का मुआवजा दिया था.

इसके बाद किसी भी परिवार की सुधी नहीं ली गयी. पानवती बताती है कि घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है और वह बेघर हो गयी है पर न तो प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का पहल किया गया है और न ही जनप्रतिनिधि सुधी लेने पहुंचे है. वह कहती है कि एक बेटा व एक बेटी को लेकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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