दुमका : अखिल भारतीय आदिम जनजाति समूह संघर्ष मोरचा के 19वें स्थापना दिवस पर सरैयाहाट के स्कूल मैदान में आयोजित जनसभा में सीएम रघुवर दास ने राज्य के घटवाल-घटवार को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जतायी है. उन्होंने कहा कि उनकी मांग पर सरकार बेहद गंभीर है. सीएम ने कहा है कि उनकी सरकार ने इसके लिए कार्मिक विभाग को 18 जनवरी को ही आदेश दे दिया है. दो महीने के अंदर टीआरआइ घटवाल-घटवार समाज का आर्थिक-सामाजिक सर्वेक्षण कर लेगा. टीआरआइ की रिपोर्ट को कैबिनेट में पारित कर भूल सुधार के लिए उसे केंद्र सरकार को भेजा जायेगा.
कांग्रेस की गलती का खामियाजा भुगत रहा घटवाल-घटवार समाज
दुमका : अखिल भारतीय आदिम जनजाति समूह संघर्ष मोरचा के 19वें स्थापना दिवस पर सरैयाहाट के स्कूल मैदान में आयोजित जनसभा में सीएम रघुवर दास ने राज्य के घटवाल-घटवार को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जतायी है. उन्होंने कहा कि उनकी मांग पर सरकार बेहद गंभीर है. सीएम ने […]

सूची से हटाने की गलती कांग्रेस ने की : श्री दास ने कहा कि 1952 में जिस तरीके से घटवार-घटवाल को जनजाति की सूची से अकारण हटाया गया, उस गलती के लिए कोई और नहीं कांग्रेस जिम्मेदार है, जिसने आजादी के बाद साठ साल तक सत्ता में रहने के बाद भी इसमें सुधार का प्रयास नहीं किया. सीएम ने कहा कि राज्य में 2004 में जब वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे,
कांग्रेस की गलती का खामियाजा…
उस वक्त भी उन्होंने इसके लिए प्रयास किया था. उनकी सरकार उतना ही बोलती है, जितना कर सकती है.
विधायक विकास विरोधी, करायें जमानत जब्त : सरैयाहाट में जिस जगह सभा हो रही थी, वह क्षेत्र पोड़ैयाहाट विधानसभा के अंतर्गत पड़ता है. सीएम ने क्षेत्र के विधायक सह झाविमो नेता प्रदीप यादव का नाम लिये बगैर उनपर विकास विरोधी और गरीब विरोधी होने का आरोप लगाया. सीएम ने कहा कि इस क्षेत्र के कुछ लोग हैं, जो विकास नहीं चाहते.
गरीबों को गरीब बनाये रखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि आनेवाले चुनाव में ऐसे विधायक को इस तरह पराजित करें कि उनकी जमानत जब्त हो जाये. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि घटवार-घटवाल समाज को इस क्षेत्र से जन प्रतिनिधित्व का अवसर मिले, इसीलिए पिछली बार पार्टी ने इस समाज के नेता को अवसर दिया था.
सिर्फ वोट की राजनीति करते हैं झारखंड नामधारी दल
उन्होंने झारखंड नामधारी दलों को भी आदिवासियों के नाम पर केवल वोट की राजनीति करने का आरोप लगाया. कहा कि इन दलों ने केवल अपनी मतपेटियों को भरने का काम किया. सभा को कल्याण मंत्री डॉ लोइस मरांडी, श्रम एवं नियोजन मंत्री राज पलिवार तथा कृषि, पशुपालन व सहकारिता मंत्री रणधीर सिंह ने भी संबोधित किया. मोर्चा के अध्यक्ष अर्जुन राय एवं महामंत्री राम प्रवेश राय ने अपने संबोधन में घटवाल-घटवार को आदिम जनजाति का दर्जा दिलाने की मांग की और इसके लिए संबंधित सूची में सुधार कराने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया. रामप्रवेश राय ने कहा कि सरकार घटवाल-घटवार समाज का डीएनए करा ले, सभी आदिवासी ही मिलेंगे. सभा को गिरजानंद राय, पूरन राय, सुरेश राय, आशा देवी आदि ने भी अपने-अपने विचारों को रखा.
दो माह में करवायेंगे घटवार-घटवाल का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण
रिपोर्ट आते ही उसे कैबिनेट से पारित कर केंद्र को भेजेंगे
घटवार-घटवाल समाज केवल एक ही मुद्दे से नहीं बढ़ सकता आगे शिक्षा और सामाजिक जागरूकता भी जरूरी
सभा के दौरान नारेबाजी व प्रदर्शन भी कहा: जुमलेबाजी नहीं, घोषणा करें
जिस वक्त मुख्यमंत्री रघुवर दास का भाषण चल रहा था और वे क्षेत्र के विधायक को कोस रहे थे, ठीक उसके बाद कुछ लोग मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. विरोध करने वालों में ज्यादातर युवा थे. उनका कहना था कि मुख्यमंत्री जुमलेबाजी न करें. घटवाल-घटवार समाज को लंबे अरसे से छला जाता रहा है. वे आये हैं तो घोषणा करें. ऐसा कहते और नारेबाजी करते हुए लोग ठीक सभा मैदान के गेट के पास जमीन पर लेट गये. पुलिस पदाधिकारियों व पुलिस जवानों ने उन्हें रोका तो उनके साथ इनकी धक्का-मुक्की सी स्थिति पैदा हो गयी. हालांकि जब सीएम का संबोधन समाप्त हुआ और थोड़ी देर लोगों से मिलने के बाद वे गाड़ी में बैठकर निकले, तब तक उन्हें शांत कराया जा चुका था.