पीजीआरसी की बैठक में कई निर्णय
10 में से देने होंगे विदेशों के चार परीक्षक के नाम, शेष होंगे अलग-अलग राज्यों से
40 में से 30 शोध प्रबंध के लिए होगा फिर से डीआरसी
दुमका : सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में शोध कार्य गुणवत्तापूर्ण कराने तथा कॉपी-पेस्ट का खेल समाप्त कराने के लिए कुलपति प्रो मनोरंजन प्रसाद सिन्हा ने कई सख्त कदम उठाये हैं. मंगलवार को इनमें से कई निर्णयों को अमलीजामा पहनाने के लिए पीजीआरसी की बैठक की गई.
वीसी प्रो सिन्हा की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में लगभग 40 शोध प्रबंधों पर विचार विमर्श किया गया.
इनमे क़रीब 30 शोध प्रबंधों को लेकर पुनः डीआरसी कराने का निर्देश दिया गया. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पीएचडी परीक्षा के परीक्षक व परीक्षक की रिपोर्ट एक विशेष फाॅर्मेट में देनी होगी. परीक्षक के लिस्ट में चार विदेश के परीक्षक होना अनिवार्य है. प्री-पीएचडी सेमिनार व सबमिशन से पहले शोध कार्य की एक सॉफ्ट कॉपी जमा करनी होगी. प्लेजरिज़म टेस्ट में पास होने पर ही थेसिस जमा होगी. शोध छात्रों को छह महीने का कोर्स वर्क करना होगा व विभाग में उपस्थिति दर्ज करनी होगी.
नौकरी कर रहे लोगों को अपने नियोक्ता से नो आॅब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट देना होगा. इनमें विज्ञान, मानविकी, वाणिज्य और सामाजिक विज्ञान के शोध प्रबंध थे. बैठक में स्नातकोत्तर विभाग के शिक्षक, विभागाध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक, एआर एग्जाम व विभिन्न संकायों के डीन उपस्थित थे.
