जिला अभियंता एवं कार्यालय प्रधान की उदासीनता उजागर
नेशनल हाई स्कूल के पास गोशाला रोड पर विवाह भवन व मार्केट काॅम्प्लेक्स का सपना रह गया अधूरा
जिला अभियंता व कार्यालय प्रधान को हटाये जाने का लिया प्रस्ताव
दुमका : जिला परिषद को दो अलग-अलग मदों में प्राप्त 230 लाख रुपये वापस लौट रहे हैं. समय पर इस राशि की उपयोगिता सुनिश्चित न हो पाने की वजह से राशि को लौटाने की नौबत आ गयी है. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा ने एक अति महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें तमाम जिला परिषद सदस्य मौजूद थे. बैठक में इसके लिए जिला अभियंता मिथिलेश कुमार सिन्हा एवं कार्यालय प्रधान मो सनाउल को इसके लिए पूर्णरूपेण जिम्मेवार बताया गया तथा सप्ताह भर के अंदर दोनों को जिला परिषद से हटा देने की बात कही गयी है. जिसे लेकर फैसले लिये गये. बैठक में लिये गये निर्णय से मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, लोकायुक्त, उपायुक्त तथा जिला परिषद के सचिव को भी अवगत कराने का भी प्रस्ताव पारित किया गया.
2010-11 में ही उपलब्ध करायी गयी थी राशि
जानकारी के मुताबिक जिला परिषद को अपने आंतरिक स्रोतों को विकसित कर आय वृद्धि के लिए यह राशि वित्तीय वर्ष 2010-11 में ही उपलब्ध करायी गयी थी. इस राशि से नेशनल हाई स्कूल के पास गोशाला रोड में विवाह भवन तथा मार्केट काॅम्लेक्स आदि बनवाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया था, पर इस दिशा में बार-बार कहे जाने के बाद भी आवश्यक कदम नहीं उठाये जा रहे थे. अंतत: आजिज होकर जिला परिषद के सदस्यों ने इस पर क्षोभ जताते हुए यह निर्णय लिया. वहीं बैठक के अंत में पूर्व के कर्मी नकुल चंद्र तिवारी के आकस्मिक निधन पर शोक जताया गया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गयी. इस दौरान जिला परिषद उपाध्यक्ष असीम मंडल सहित कई सदस्य मौजूद थे.
